आक्रोश. सिंहेश्वर मंदिर के दानपेटी में रखे रुपये के सड़ जाने का मामला
सिंहेश्वर मंदिर की दानपेटी में 40 हजार रुपये सड़ जाने के मामले को लेकर विरोध बढ़ता ही जा रहा है. इसी क्रम में प्रखंड भाजपा व प्रखंड लोजपा ने बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के प्रशासक से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं अभाविप कार्यकर्ता सहित दर्जनों श्रद्धालुओं ने कहा है अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गयी, तो न्यायालय में दोषी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करायेंगे.
सिंहेश्वर : जिले के सुप्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में करीब चालीस हजार रुपये सड़ जाने पर स्थानीय लोगों ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है. खासकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी शिकायत बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद से की है. प्रखंड भाजपा व प्रखंड लोजपा ने परिषद से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. वहीं लोगों ने कहा कि सिर्फ बाबा भोले का रुपया ही नहीं, यहां तो राष्ट्र की संपत्ति जानबूझ कर नष्ट कर दी गयी है.
लोगों ने मुद्रा नष्ट करने के मामले को आरबीआइ के गवर्नर तक ले जाने की बात कही है. ज्ञात हो कि आरबीआइ से जारी रुपया राष्ट्र की संपत्ति मानी जाती है. इसे जानबूझ कर नष्ट व बरबाद करने का हक किसी को नहीं दिया गया है. इसे एक तरह से देशद्रोह का मामला माना जायेगा.
इधर, अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संतोष कुमार राज, मोनू झा, अभिषेक कुमार सहित दर्जनों श्रद्धालुओं ने कहा कि अगर जानबूझ कर रुपये सड़ाने वाले दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गयी तो स्थानीय लोग न्यायालय में संबंधित लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करायेंगे.
उधर, भाजपा के मंडल अध्यक्ष संजय पाठक ने प्रशासक, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद पटना को पत्र भेज कर सिंहेश्वर मंदिर जिला मधेपुरा में न्यास हित के विरुद्ध कार्य करने वाले कर्मी एवं सदस्य पर कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सिंहेश्वर मंदिर में बाबा के गर्भ गृह के अलावा मंदिर परिसर में रखे दान पेटी को एक माह नहीं खोला गया. इस कारण दान पेटी में रखे लगभग 40 हजार रुपया पानी में सड़ने के कारण पूर्णत: नष्ट हो गये.
स्पष्ट है कि सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति सिंहेश्वर के व्यवस्थापक व कर्मी की मिली भगत से पूर्व से भी राशि गबन किया जाता रहा है. साथ ही बाबा भोले के मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान स्वरूप दी जाने वाली गाय बाछी का स्टोक पंजी अंकित नहीं किया जाता है. न्यास के सदस्य व कर्मी की लापरवाही के कारण श्रद्धालुओं द्वारा दान की राशि नष्ट हो गयी है. इसकी उच्च स्तरीय जांच की जाय. चूंकि सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति सिंहेश्वर मधेपुरा के सचिव उप विकास आयुक्त मधेपुरा ही हैं. इसलिए उप विकास आयुक्त से वरीय पदाधिकारी की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर गत दो वर्षों की सभी तरह के अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच कर दंडात्मक कार्रवाई की जाय, ताकि भविष्य में ऐसी गलती न हो. उन्होंने कहा कि तीस दिनों के अंदर सिंहेश्वर मंदिर में व्याप्त अनियमितताओं की जांच कर न्यास हित के विरुद्ध कार्य करने वाले दोषी सदस्यों, व्यवस्थापक एवं कर्मियों के खिलाफ न्यास पर्षद के नियमानुसार कार्रवाई की जाय, अन्यथा भाजपा प्रखंड इकाई सिंहेश्वर चरणबद्ध आंदोलन करेगी.
अगर जानबूझ कर रुपया नष्ट या बरबाद किया गया है तो वह देशद्रोह का मामला बनता है. मुद्रा अवमूल्यन के मामले में दोषी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है.
संजय कुमार करण, शाखा प्रबंधक ,एसबीआइ, मुख्य शाखा, मधेपुरा
