लालू परिवार की बढ़ीं मुश्किलें, राबड़ी-तेजस्वी समेत 41 आरोपियों पर चलेगा मुकदमा, 9 मार्च से शुरू होगा डे-टू-डे ट्रायल

Land for Job Case: जमीन के बदले नौकरी का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव से जुड़े जमीन के बदले नौकरी में आज कोर्ट में सुनवाई होगी. इस केस में लालू प्रसाद, उनकी पत्नी, उनके परिवार समेत 41 लोग आरोपी बनाए गए हैं.

Land for Job Case: लैंड फॉर जॉब केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत कुल 41 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने को मंजूरी दे दी है.

कोर्ट ने माना है कि सीबीआई की चार्जशीट में ऐसे पर्याप्त सबूत हैं, जिनके आधार पर नियमित ट्रायल चलाया जाना चाहिए. इसके साथ ही अब यह मामला जांच के चरण से निकलकर मुकदमे की सुनवाई के दौर में प्रवेश कर चुका है.

41 आरोपियों पर तय हुए आरोप, 52 को मिली राहत

अदालत ने 9 जनवरी के अपने आदेश में कहा था कि लालू परिवार समेत 41 आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य मौजूद हैं. हालांकि इस केस में 52 लोगों को बरी कर दिया गया है. कोर्ट का मानना है कि जिन 41 लोगों पर आरोप तय किए गए हैं, उनके खिलाफ ट्रायल के दौरान तथ्यों और सबूतों की गहन जांच जरूरी है.

पिछली सुनवाई में स्पेशल जज विशाल गोग्ने ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि लालू यादव और उनका परिवार एक आपराधिक गिरोह की तरह काम कर रहा था. अदालत के अनुसार सरकारी नौकरियों के बदले जमीन हासिल करने की एक सुनियोजित और संगठित साजिश रची गई. यह टिप्पणी न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक तौर पर भी बेहद अहम मानी जा रही है.

नौकरी को बनाया गया सौदेबाजी का हथियार

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने सरकारी नौकरी को सौदेबाजी का जरिया बनाया. इसका उद्देश्य अपने और अपने परिवार के लिए अचल संपत्तियां जुटाना था. अदालत के मुताबिक यह सामान्य प्रशासनिक गड़बड़ी नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का मामला है.

राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट और दस्तावेजों पर विचार करते हुए कहा कि नौकरी और जमीन के बीच कथित लेन-देन के संकेत साफ दिखते हैं. जमीन के ट्रांसफर, कीमतों में असामान्यता, परिवार और करीबियों के नाम संपत्तियों की खरीद और उनसे जुड़े कारोबारी लेन-देन आपस में जुड़े हुए हैं, जिनकी जांच ट्रायल में की जाएगी.

परिवार ने कोर्ट में पेशी से मांगी छूट

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में शारीरिक रूप से उपस्थित होने से छूट के लिए आवेदन दिया है. दोनों ने स्वास्थ्य और अन्य व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अदालत से राहत की मांग की है.

लालू यादव के दोनों बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव और तेज प्रताप यादव ने भी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट के लिए अदालत में आवेदन दाखिल किया है. चारों नेताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वे कानूनी प्रतिनिधित्व के माध्यम से कार्यवाही में सहयोग करेंगे.

राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच आरोप तय किए जाने की औपचारिक प्रक्रिया के दौरान व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट प्रदान कर दी है. इस अवधि में उनकी ओर से उनके वकील अदालत में उपस्थित रहेंगे.

इस मामले में सांसद मीसा भारती और हेमा यादव अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुईं. दोनों ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया और खुद को निर्दोष बताया. अदालत में उनकी मौजूदगी को प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया.

9 मार्च से शुरू होगा डे-टू-डे ट्रायल

कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मामले में ट्रायल और अभियोजन पक्ष के साक्ष्य 9 मार्च से दिन-प्रतिदिन यानी डे-टू-डे आधार पर दर्ज किए जाएंगे. इसका मतलब है कि सुनवाई लगातार होगी ताकि मामले का जल्द निपटारा किया जा सके.

अब सभी की निगाहें 9 मार्च से शुरू होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अभियोजन पक्ष अपने सबूत और गवाह पेश करेगा. इसके बाद अदालत तय करेगी कि आरोपों में कितना दम है और आगे की कार्यवाही किस दिशा में जाएगी.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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