लखीसराय. जिले में आज यानी सात अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जायेगा. उक्त दिवस विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के स्थापना दिवस की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. इसका उद्देश्य समुदाय को उनके स्वास्थ्य के प्रति ध्यान आकर्षित कराना है. हम सब ये जानते हैं कि स्वास्थ्य ही किसी इंसान की सबसे बड़ी पूंजी होती है, इसलिए लोगों को हमेशा स्वस्थ्य रहने की सलाह देता है विश्व स्वास्थ्य दिवस. इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस का थीम ”स्वास्थ्य शुरुआत आशापूर्ण भविष्य” है. इसको लेकर सिविल सर्जन डॉ बीपी सिन्हा कहते हैं कि इस दिवस पर जिले के हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र पर विभिन्न तरह के स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे, जो उस क्षेत्र के लोगों में स्वास्थ्य चेतना जगाने के लिए समर्पित होगा. डॉ सिन्हा ने बताया कि जिले के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र पर लोगों को प्रसव पूर्व, प्रसव के दौरान और इसके बाद महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और आवश्यक देखभाल के लिए बेहतर परामर्श दिया जा रहा है साथ ही बच्चों के स्तनपान, टीकाकरण और शिशु की देखभाल करने की योजना भी शामिल है. इसके लिए सभी को निर्देश दिया गया है कि प्रसव पूर्व देखभाल के लिये गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण संबंधी सलाह और सहायता प्रदान करें. टीकाकरण के साथ प्रसव के लिए तैयारी भी हमेशा रखें, ताकि गर्भवती माता के साथ होने वाले नवजात के जन्म में किसी तरह की परेशानी नहीं हो एवं मातृ मृत्यु दर के रिस्क को हमेशा कम किया जा सके. उन्होंने बताया की लोगों में स्वास्थ्य चेतना के कारण ही जिले में एनएफएचएस 4 (2015-16) के अनुसार संस्थागत प्रसव का आंकड़ा 64.1 प्रतिशत था, वो एनएफएचएस 5 ( 2019-2020) अनुसार 75.8 प्रतिशत हो गया है. वहीं जो गर्भवती माताएं पहली तिमाही पर प्रसव पूर्व जांच के लिए सरकारी संस्थान तक पहुंच पाती थी, उसका आंकड़ा एनएफएचएस 4 (2015-16) के अनुसार 37.3 प्रतिशत था. जो एनएफएचएस 5 ( 2019-2020) के अनुसार 66.1 प्रतिशत हो चुका है. ये आंकड़े इस बात को प्रमाणित करता है कि समुदाय में मातृ स्वास्थ्य एवं नवजात देखभाल के लिए चेतना जगी है.
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