बड़हिया. रेफरल अस्पताल बड़हिया में चिकित्सकों के समय से पूर्व अपने कार्यों को छोड़कर चले जाने और समयानुसार नहीं आने के कारण अस्पताल के कर्मियों को आमजनों का कोपभाजन होना पड़ रहा है. इसे लेकर पूर्व में भी कई बार शिकायत की गयी थी. बावजूद इसके समस्याओं के यथावत बने रहने के बाद अब अस्तपाल के कर्मियों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बड़हिया को पत्र लिखकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं. पत्र में नगर परिषद बड़हिया के अध्यक्ष एवं सिविल सर्जन लखीसराय को भी कर्मियों ने समस्याओं से अवगत कराया है. साथ ही रोस्टर अनुरूप चिकित्सकों के नहीं आने से होने वाली परेशानी की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है. रेफरल अस्पताल बड़हिया के कर्मियों की ओर से भेजे गये पत्र में कहा गया है कि नगर परिषद बड़हिया के अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई बैठक में चिकित्सकों द्वारा उनके सहमति प्राप्त कर रोस्टर का निर्माण किया गया था. इसके बाद भी चिकित्सकों द्वारा समय पूर्व अपने कार्य को छोड़कर चले जाने एवं समय अनुसार नहीं आने के कारण आमजन के कोपभाजन का शिकार अस्पताल के अन्य कर्मी को बनना पड़ता है. कर्मियों ने कहा है कि चिकित्सकों के समय पूर्व अपने कार्यों को छोड़कर चले जाने और समयानुसार नहीं आने के कारण कर्मियों में भय बना रहता है कि वे आम जनों का कोपभाजन हो सकते हैं. ऐसे में कर्मियों ने कहा है कि वे लिखित में सूचना उपलब्ध करा रहे हैं कि अगर चिकित्सक समय से अस्पताल आयेंगे-जायेंगे नहीं तो कर्मी भी उक्त खाली समय तक अस्पताल छोड़कर चले जायेंगे. साथ ही इसकी पूरी जिम्मेदारी चिकित्सकों की होगी. कुछ ऐसा ही मामला मंगलवार की सुबह देखने को मिला. जहां इंदुपुर निवासी देवहस झा कि पुत्री गुड़िया कुमारी के सीने में दर्द होने के बाद रेफरल अस्पताल पहुंची. जहां एक भी चिकित्सक नहीं रहने पर गुड़िया कुमारी 45 मिनट तक दर्द से तड़पते रही. 45 मिनट के बाद अस्पताल के कर्मी सुबोध कुमार के द्वारा सुई दवाई दिया गया, लेकिन कोई चिकित्सक मौजूद नहीं दिखे. स्थिति में सुधार नहीं होने बाद लखीसराय सदर रेफर किया गया. इस सबंध मे प्रभारी चिकित्सक उमेश प्रसाद सिंह ने कहा कि चिकित्सक के इस तरह का लापरवाही को लेकर चिकित्सक से स्पष्टीकरण करण मांगा गया है.
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