जिले में 30 प्रतिशत गेहूं की कटनी होना है बाकी

खेसारी की 1117 हेक्टेयर में खेती की गयी है, लेकिन इस फसल का 1052 हेक्टेयर फसल की हार्वेस्टिंग हुआ है.

-चना, मसूर, सरसों समेत अन्य तिलहन की हो चुकी है कटनी-दलहन एवं तिलहन की उपज को लेकर किसानों में है खुशीलखीसराय. जिले के रबी फसल के उत्पादन इस बार अच्छी हुई है. गेहूं के अलावा दलहन एवं तिलहन की उत्पादन से किसान संतुष्ट नजर आ रहे हैं. गेहूं को छोड़कर शेष सभी फसल की हार्वेस्टिंग हो चुकी है. किसान चना, मसूर, राई के साथ अन्य दलहन एवं तिलहन की कटिंग एवं थ्रेडिंग कर अनाज को अपने सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है. वहीं गेहूं की 70 प्रतिशत तक कटनी की जा चुकी है. जिले के तीन प्रखंड हलसी, रामगढ़ चौक एवं चानन में गेहूं फसल की कटिंग अभी चालू है. जिले में इस बार 37 हजार 378 हेक्टेयर में गेहूं का फसल खेती की गयी है. इसमें अभी तक 25 हजार 687 हेक्टेयर में फसल की कटिंग की जा चुकी है. शेष फसल की कटिंग तेजी से की जा रही है. वहीं 56 सौ 52 हेक्टेयर में चना की खेती की गयी है. जिसका सौ प्रतिशत हार्वेस्टिंग किया जा चुका है. मसूर की खेती 9278 हेक्टेयर में की गयी है. इसमें भी सौ प्रतिशत हार्वेस्टिंग की जा चुकी है. खेसारी की 1117 हेक्टेयर में खेती की गयी है, लेकिन इस फसल का 1052 हेक्टेयर फसल की हार्वेस्टिंग हुआ है. इसी तरह 2352 हेक्टेयर में मटर की भी खेती की गयी है. इस फसल का सौ प्रतिशत हार्वेस्टिंग किया जा चुका है. इस बार राई की भी खेती 4640 में 4640 का हार्वेस्टिंग किया जा चुका है. अभी तक 75 प्रतिशत तक हार्वेस्टिंग किया जा चुका है. हार्वेस्टिंग फसल का थ्रेडिंग भी किया चुका है एवं सुरक्षित स्थानों पर फसल को पहुंचा दिया गया है. गेहूं की 30 प्रतिशत फसल खराब मौसम के चक्कर में फंसा हुआ है.

बोले किसान

बड़हिया टाल क्षेत्र के कृषक पंकज सिंह ने बताया कि इस बार दलहन एवं तिलहन की पैदावार ठीक हुआ है. इसका मुख्य वजह है कि किसानों के द्वारा समय-समय पर छिड़काव किया गया. ड्रोन से किसानों के द्वारा किया गया. छिड़काव काफी हद तक कारगार साबित हुआ है.वलीपुर के किसान कुंदन कुमार सिंह ने कहा कि दियारा क्षेत्र के किसानों को बाढ़ जैसी आपदा को झेलनी पड़ती है. खरीफ के मौसम में किसानों को घाटा होता है, लेकिन रवि के मौसम में किसानों को काफी राहत मिली है.रामचंद्रपुर के बमबम सिंह ने बताया कि दियारा क्षेत्र के किसानों को बरसात के दिनों में सोयाबीन की खेती बर्बाद हो जाता है. रबी फसल में गेहूं चना सरसों एवं मक्का की खेती से किसानों को कुछ राहत मिलती है. इस बार के पैदावार से किसान संतुष्ट है.बभनगंवा के किसान मृत्युंजय सिंह ने कहा कि इस बार ताल क्षेत्र में दलहन एवं तेलहन की खेती अच्छी हुई है. किसान दलहन एवं तेलहन के फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है. कुछ किसानों को गेहूं का फसल पानी में फंस चुका है. जिससे किसानों में चिंता का विषय है.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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