पहाड़ी क्षेत्रों में पानी की किल्लत, मवेशियों को लेकर निकले पशुपालक

पहाड़ी क्षेत्रों में पानी की किल्लत, मवेशियों को लेकर निकले पशुपालक

चानन. गर्मी शुरू होते ही खासकर पहाड़ी व दुरगामी क्षेत्रों में मवेशियों के लिए पेयजल की नहर व आहर सूखने लगे हैं, जिससे समस्या गहराने लगी है. नहर-आहर सूखने से मवेशियों के पानी पीने के लिए काफी किल्लत हो गयी है, जिससे पुशपालक भी परेशान नजर आ रहे हैं. चारा व पानी की किल्लत को देखते हुए पशुपालक की मुश्किल बढ़ती जा रही है, जिस कारण से वे अपने घर परिवार को छोड़कर मवेशियों को लेकर फरकिया की ओर चल दिये. बताते चलें कि लखीसराय, जमुई सहित अन्य जिला के पशुपालक अपने जानवरों को लेकर फरकिया की ओर चल दिये. पशुपालकों ने बताया कि फरकिया, अलौली, खगड़िया सहित अन्य गांवों के आसपास अपने जानवरों को रखते है, जहां पानी के साथ-साथ चारा भी आसानी से प्राप्त हो जाता है. वहां जाने में दो से तीन दिन लग जाता है. उनलोगों ने बताया कि दो से तीन माह तक वहां समय बिताते हैं और पका हुआ खाना बहुत कम खाने को मिलता है. महीने में 6 से 7 दिन ही मिल पाता है. कभी-कभी तो असामाजिक तत्वों से भी दो-चार होना पड़ता है. तो कभी भूखे भी खुले आसमान के लिए नीचे सोना पड़ता है. पशुपालक ने बताया कि शुरुआती बरसात के मौसम आते ही बहियार में पानी शुरू होने से वहां से अपने जानवर को लेकर वापस लौट जाते हैं.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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