लखीसराय से अजीत सिंह एवं देव कुमार की रिपोर्ट: किऊल नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने और पानी की तेज धार को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से सूर्य नारायण घाट पर चल रहे यज्ञ पर रोक लगा दी है. एसडीओ प्रभाकर कुमार के आदेश पर अंचलाधिकारी अजय राठौर और स्थानीय थानाध्यक्ष ने यज्ञ स्थल को बंद करा दिया है. हालांकि, प्रशासनिक सख्ती और नदी के उफान के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था भारी पड़ रही है और लोग जान जोखिम में डालकर पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं.
डैम से पानी छोड़े जाने के कारण बढ़ा जलस्तर
बताया जा रहा है कि जमुई स्थित डैम से शुक्रवार की दोपहर और रात को पानी छोड़े जाने के कारण किऊल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है. अमूमन वैशाख के महीने में जहां नदी सूखी रहती थी, वहां इस समय पानी की तेज धार बह रही है. नदी में पानी बढ़ने के कारण यज्ञ स्थल तक जाने वाला कच्चा रास्ता पहले ही टूट चुका है, जिससे वहां से पानी का तेज बहाव हो रहा है.
प्रशासन की बैरिकेडिंग के बाद भी नदी पार कर रहे श्रद्धालु
प्रशासन ने खतरे को देखते हुए यज्ञ स्थल की घेराबंदी (बैरिकेडिंग) कर दी है, लेकिन श्रद्धालु रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. लोग नदी की तेज धार के बीच पैदल ही पानी पार कर यज्ञ मंडप तक पहुंच रहे हैं. श्रद्धालुओं का मानना है कि यह भगवान की ओर से ली जा रही एक परीक्षा है, जिसे वे अपनी श्रद्धा से पार करेंगे. कई श्रद्धालु इसे चमत्कार मान रहे हैं कि वैशाख की गर्मी में नदी में धूल उड़ने के बजाय पानी की लहरें उठ रही हैं.
सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात
अनुमंडलाधिकारी (एसडीओ) प्रभाकर कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यज्ञ स्थल और सूर्य नारायण घाट पर अंचलाधिकारी सहित पुलिस बल की तैनाती कर दी है. थाना प्रभारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लोगों को नदी पार करने से रोका जाए. प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और उफनती नदी में प्रवेश न करें, क्योंकि पानी का स्तर किसी भी समय और बढ़ सकता है.
