रुपये गिनने के नाम पर महिला से ठगी कर भाग रहे दो उच्चकों को फिल्मी अंदाज में दबोचा

गंगासराय में सोमवार को दिनदहाड़े उच्चकों ने बैंक से राशि निकालने के बाद मां-बेटी के साथ रुपये की ठगी का प्रयास किया है

बड़हिया के गंगासराय ग्रामीण से मां-बेटी ने मुआवजे की दो लाख रशि की थी निकासी39 हजार लेकर भागने के दौरान दोनों उच्चके हुए घायल, रेफरल अस्पताल में कराया इलाज

बैंक परिसर में संदिग्ध व्यक्ति के घुमने से सुरक्षा पर उठा सवाल

उच्चके को पकड़ने में ग्रामीण व कांग्रेस जिलाध्यक्ष बने मददगार

बड़हिया.

गंगासराय में सोमवार को दिनदहाड़े उच्चकों ने बैंक से राशि निकालने के बाद मां-बेटी के साथ रुपये की ठगी का प्रयास किया है. हालांकि घटना के बाद बैंक कर्मियों की सतर्कता व लोगों के सहयोग से फिल्मी स्टाइल में घटना को अंजाम देकर भाग रहे दो उच्चकों को खदेड़ कर पकड़ा गया. जिसमें दूसरी ओर से गुजर रहे कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार अनीश भी मददगार बने. मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक से मुआवजे की राशि निकाली एक महिला को दो शातिर ठगों ने अपना निशाना बना लिया और चालाकी से 39 हजार रुपये निकाल लिये. जिसके बाद ग्रामीणों की सतर्कता, बैंक कर्मचारियों की तत्परता और संयोग से मौके पर पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री अनीश की सूझबूझ से दोनों अपराधी रंगे हाथों पकड़ लिया गया. बताया जा रहा है गंगासराय वार्ड संख्या एक निवासी कुमकुम देवी अपनी बेटी चांदनी कुमारी के साथ दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक में दोपहर करीब 12 बजे पहुंची थीं. चांदनी के पति विजय पासवान की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद उन्हें मुआवजे के रूप में दो लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई थी. उसी राशि की निकासी के लिए वे बैंक आई थीं. जैसे ही मां-बेटी बैंक से रुपये निकाले, वैसे ही बैंक परिसर में पहले से मौजूद दो युवक उनसे बातचीत में लग गये. गड्डी गिनने के बहाने एक आरोपी ने चालाकी से 39 हजार रुपये निकाल लिया और दोनों वहां से भागने होने लगे. बैंक मैनेजर शनि कुमार और अन्य कर्मचारियों को कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने शोर मचाया. इससे बैंक के बाहर मौजूद ग्रामीण सतर्क हो गये और दोनों ठगों के पीछे दौड़ पड़े. इसी दौरान संयोगवश बड़हिया की ओर जा रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार अनिश अपनी गाड़ी से मौके पर पहुंचे. उन्होंने स्थिति को भांपते हुए बाइक सवार आरोपियों को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद पीछा कर रहे ग्रामीणों की मदद से दोनों युवकों को धर दबोचा गया. जिस दौरान दोनों ठग घायल भी हो गये. जिनका इलाज पुलिस के द्वारा रेफरल अस्पताल में कराया गया. पकड़े गये ठगों की पहचान नालंदा जिले के गिरियक थाना क्षेत्र के दशरथपुर बरबीघा निवासी राजेश्वरी पांडेय, पिता मनोज कुमार और पटना जिले के बख्तियारपुर निवासी रवि कुमार, पिता उमेश मिश्रा के रूप में हुई है. दोनों युवक पेशेवर ठग बताये जा रहे हैं और इनसे पूछताछ में कई अहम खुलासों की उम्मीद जतायी जा रही है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ठगी की पूरी राशि 39 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं. दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे गहन पूछताछ की जा रही है. प्रभारी थानाध्यक्ष ईलू उपाध्याय ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से दो ठगों को गिरफ्तार किया गया है. भागने के दौरान दोनों ठग घायल हो गये थे, जिनका इलाज रेफरल अस्पताल में कराया गया. पुलिस ठगों से पूछताछ कर रही है. आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.

इलाके में मचा हड़कंप

संभावना जतायी जा रही है कि इनके तार अन्य जिलों में हुई ऐसी घटनाओं से भी जुड़े हो सकते हैं. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. बड़ी संख्या में लोग बैंक परिसर के बाहर जमा हो गये. स्थानीय लोगों और बैंक अधिकारियों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार अनीश की तत्परता की खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने जिस प्रकार तुरंत स्थिति को समझते हुए अपराधियों को रोकने का प्रयास किया, उससे बड़ा हादसा होने से टल गया. इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सामूहिक सतर्कता और सजग नागरिकता से अपराध को समय रहते रोका जा सकता है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं ये दोनों युवक किसी संगठित ठगी गिरोह का हिस्सा तो नहीं हैं.

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Author: DHIRAJ KUMAR

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