ट्रेन में लावारिस मिली 20 माह की मासूम को बाल संरक्षण इकाई को सौंपा

खगड़िया-मानसी रेलखंड पर ट्रेन में लावारिस हालत में मिली 20 माह की एक मासूम बच्ची को सूर्यगढ़ा पुलिस ने सकुशल बरामद कर बाल संरक्षण इकाई, लखीसराय के हवाले कर दिया है

कात्यायनी धाम से पूजा-अर्चना कर ट्रेन से लौट रही महिला को ट्रेन की एक सीट पर मिली मासूम

सूर्यगढ़ा.

खगड़िया-मानसी रेलखंड पर ट्रेन में लावारिस हालत में मिली 20 माह की एक मासूम बच्ची को सूर्यगढ़ा पुलिस ने सकुशल बरामद कर बाल संरक्षण इकाई, लखीसराय के हवाले कर दिया है. बच्ची फिलहाल सुरक्षित है और उसके परिजनों की पहचान की जा रही है. जानकारी के अनुसार, बेगूसराय जिले के शाम्हो थाना क्षेत्र के बिजुलिया गांव की एक महिला बुधवार को कात्यायनी धाम से पूजा-अर्चना कर ट्रेन से लौट रही थी. इसी दौरान ट्रेन की एक सीट पर एक मासूम बच्ची अकेली सोयी हुई मिली. उसके पास एक झोले में कुछ कपड़े भी रखे थे. नींद खुलने पर बच्ची अपनी मां को नहीं देखकर रोने लगी और महिला से लिपटकर ‘मां-मां’ कहने लगी. महिला ने ट्रेन में मौजूद यात्रियों से बच्ची के बारे में पूछताछ की, लेकिन कोई अभिभावक सामने नहीं आया. मानवता के नाते महिला बच्ची को अपने घर ले गयी और बाद में उसे सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के निस्ता गांव स्थित अपनी बहन के यहां छोड़ दिया. इधर, गुरुवार को बच्ची के ट्रेन में मिलने की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन सक्रिय हो गया. सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एसआई पूजा कुमारी, एसआई मणिकांत यादव व पुलिस बल ने निस्ता गांव पहुंचकर बच्ची को बरामद किया. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे बाल संरक्षण इकाई को सौंप दिया गया. पुलिस के अनुसार बच्ची अभी इतनी छोटी है कि वह केवल “मम्मी-पापा” ही बोल पा रही है, उसके वास्तविक परिजनों की पहचान और तलाश के लिए प्रयास जारी है.

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