लखीसराय से अजीत कुमार की रिपोर्ट Lakhisarai News : मई एवं जून की तपती दुपहरिया के पूर्व शहर में पेयजल एवं पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. शहर के सबसे अंतिम छोर वार्ड नंबर 33 स्थित लाली पहाड़ी के महादलित टोला में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. लोगों के हर घर नल का जल तो लगाया गया है, लेकिन नल से एक बूंद भी जल नहीं टपक रहा है. लोग पानी टावर के पास पहुंचकर घंटों बाल्टी एवं घर के बर्तन को नल से लगाकर रखते हैं, जिससे धीरे-धीरे पानी जमा होने पर उसे घरेलू कार्य एवं पेयजल का उपाय कर पाते हैं. कभी-कभी घंटों तक पानी नल में नहीं आता है. ऐसे में महादलित समुदाय के लोग किऊल नदी में जाकर बालू को खोद कर पानी निकालते हैं एवं उसे बर्तन में जमा कर घर लाते हैं.
कई बार अधिकारियों को कराया गया अवगत, नहीं होती सुनवाई
पानी की किल्लत को लेकर कई बार नगर परिषद एवं पीएचईडी विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन महीनों तक सुनवाई नहीं होती है. महादलित टोला में एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी कराया गया है, लेकिन पानी नहीं रहने के कारण शौचालय को बंद रखना पड़ता है. महादलित टोला के कई लोग पानी के अभाव में शौचालय के लिए किऊल नदी का सहारा लेते हैं. पानी कमी को लेकर वार्ड पार्षद प्रतिनिधि बबलू साव के आग्रह पर नप ईओ के द्वारा 10 हजार क्षमता के पानी टैंकर भेजा जा रहा है. यही हाल पुरानी बाजार वार्ड नंबर आठ कुम्हार टोली का है. स्थानीय लोगों ने पानी की कमी को पूरा करने के लिए ईओ को आवेदन दिया है. जिसमें कहा गया है कि महीनों से मोटर खराब पड़ा हुआ है, लेकिन सूचित करने से भी कार्रवाई नहीं होती है. लगभग 1200 की आबादी वाले मुहल्ले के अतिपिछड़ा एवं दलित समुदाय के लोग एक चापाकल पर पानी के लिए निर्भर है.
कहते हैं प्रतिनिधि
वार्ड संख्या 33 के पार्षद प्रतिनिधि बबलू कुमार का कहना है कि पानी की कमी एवं महादलित टोला में पानी नहीं पहुंचने की शिकायत नगर परिषद को किया जाता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है.
