तीन दिनों तक दिखेगी रजतपट की विरासत डॉ श्याम सुंदर प्रसाद सिंह तथा उनकी धर्मपत्नी डॉ राजकिशोरी सिंह को मरणोपरांत लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान से किया जाएगा सम्मानित लखीसराय. कला, संस्कृति और सिनेमा को समर्पित संस्थान सिनेयात्रा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम “बिहार की सिनेयात्रा–रजतपट की विरासत” का आयोजन 21 से 23 फरवरी तक लखीसराय संग्रहालय में किया जायेगा. इस विशेष आयोजन में बिहार की अपनी भाषाओं में बनी पहली फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा तथा उनके निर्माण और संघर्ष की रोचक कहानियां भी साझा की जाएंगी. ज्ञात हो कि 22 फरवरी 1963 को पहली भोजपुरी फिल्म ‘गंगा मईया तोहे पियरी चढ़ईबो’ पटना के वीणा सिनेमा में प्रदर्शित हुई थी. यह फिल्म भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की प्रेरणा से बनी थी. इसके अलावा पहली मगही फिल्म भैइया तथा पहली मैथिली फिल्म ममता गावैय गीत का भी प्रदर्शन किया जायेगा. इन फिल्मों से जुड़े निर्माण प्रसंग और संघर्ष की दास्तान सिनेयात्रा के संस्थापक सचिव, फिल्मकार एवं इतिहासकार रविराज पटेल दर्शकों से साझा करेंगे. जिला जनसंपर्क विभाग ने कहा है कि कार्यक्रम के दौरान कला संस्कृति पदाधिकारी सह लखीसराय संग्रहालय के सहायक संग्रहालयाध्यक्ष मृणाल रंजन द्वारा संगीत की प्रस्तुति भी दी जायेगी. इससे आयोजन में सांस्कृतिक रंग और गहरा होगा. उद्घाटन समारोह के बाद लखीसराय के प्रतिष्ठित चिकित्सक, समाजसेवी एवं श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर न्यास समिति, अशोक धाम के संस्थापक सचिव रहे स्व डॉ श्याम सुंदर प्रसाद सिंह तथा उनकी धर्मपत्नी डॉ राजकिशोरी सिंह को मरणोपरांत सिनेयात्रा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026 से सम्मानित किया जायेगा. इस सम्मान के अंतर्गत 21 हजार रुपये का चेक, स्मृति सम्मान पत्र, स्मृति चिह्न एवं शॉल प्रदान किया जाएगा. यह सम्मान उनके पुत्र डॉ कुमार अमित, पुत्रवधू डॉ रूपा सिंह, पुत्री डॉ हरिप्रिया सिंह और दामाद डॉ प्रभात कुमार ग्रहण करेंगे. यह सम्मान समाजसेवा और सनातन परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है. कार्यक्रम की अध्यक्षता सिनेयात्रा के संस्थापक अध्यक्ष सह 1962 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी आरएन दास करेंगे. जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष होंगे. आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में बिहार के सिनेमा जगत से जुड़े कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति की संभावना है. यह आयोजन बिहार की समृद्ध सिनेमाई विरासत को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है.
लखीसराय संग्रहालय में सजेगी बिहार की सिनेयात्रा-रजतपट की विरासत
कला, संस्कृति और सिनेमा को समर्पित संस्थान सिनेयात्रा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम “बिहार की सिनेयात्रा–रजतपट की विरासत” का आयोजन 21 से 23 फरवरी तक लखीसराय संग्रहालय में किया जायेगा.
