डीएम के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण को लेकर शहर में किया गया पौधरोपण लगाये गये विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार एवं औषधीय गुणों से युक्त पौधे पदाधिकारियों ने लगाये गये पौधों की नियमित सिंचाई एवं देखरेख का लिया संकल्प लखीसराय जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र के नेतृत्व में समाहरणालय के पास एवं शहर के अन्य चयनित स्थलों पर पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी ने पौधरोपण कर की. डीएम ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है. बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण को रोकने के लिए पौधरोपण अत्यंत महत्वपूर्ण है. एक-एक पौधा न केवल पर्यावरण को संतुलित रखने में सहायक है, बल्कि आनेवाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने का आधार भी है. जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यालय परिसरों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पौधरोपण ही नहीं, बल्कि पौधों का संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही आवश्यक है. इसके लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गयी. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार एवं औषधीय गुणों से युक्त पौधे लगाये गये. पदाधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि लगाये गये पौधों की नियमित सिंचाई एवं देखरेख की जायेगी. साथ ही आमजन से भी अपील की गयी कि वे अपने घरों एवं आसपास के क्षेत्रों में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दें. जिला प्रशासन ने यह संदेश दिया कि “एक व्यक्ति-एक पौधा” अभियान को व्यापक रूप से आगे बढ़ाया जायेगा, ताकि हरित एवं स्वच्छ लखीसराय का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके. इस अवसर पर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शंभू नाथ, डीडीसी सुमित कुमार, नप ईओ प्रभात रंजन, नप सभापति अरविंद पासवान समेत अन्य पदाधिकारी एवं कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभायी.
पर्यावरण संरक्षण है आज की सबसे बड़ी आवश्यकता: डीएम
जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र के नेतृत्व में समाहरणालय के पास एवं शहर के अन्य चयनित स्थलों पर पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया
