लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत 'टाल फसल सुरक्षा समिति (टाल बंशीपुर-कोनीपार-वाकरचक-दिघड़ी)' ने क्षेत्र की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर आवाज उठाई है. समिति की ओर से बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री सुनील कुमार को एक मांग पत्र सौंपा गया है. समिति के महासचिव संदेश पटेल ने मंत्री को ज्ञापन सौंपकर टाल क्षेत्र में अटकी पड़ी विकास योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा कराने का आग्रह किया है.
पहले भी केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को दिया जा चुका है आवेदन
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इससे पूर्व 25 जून 2026 को समिति के अध्यक्ष कृष्ण चंद्र महतो और महासचिव संदेश पटेल ने मुंगेर के सांसद सह केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को भी आवेदन देकर इन समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया था.
ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें
टाल फसल सुरक्षा समिति द्वारा जिला प्रभारी मंत्री को सौंपे गए आवेदन में निम्नलिखित मुख्य मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया गया है:
- अटके सड़क निर्माण कार्य को पुनः शुरू करना: सांसद द्वारा स्वीकृत 'सुलभ संपर्क योजना' के तहत साध बाबा स्थान से भाया दुलार बाबा स्थान सह कोनीपार PWD पथ से गोपालापारी से बरियारपुर तक (लगभग 11 किमी) सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था. इसमें 2.5 किमी में बेड व GSB लेयर तथा 7.5 किमी नदी के दोनों किनारों पर बेड बनने के बाद काम अचानक बंद हो गया है, जिसे तुरंत शुरू कराया जाए.
- कचहरी घाट कोनीपार में नए पुल का निर्माण: कचहरी घाट स्थित पुराना लोहे का पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है और हादसों का कारण बन रहा है. सांसद द्वारा स्वीकृत और शिलान्यासित इस पुल के लिए दो बार मिट्टी की जांच (Soil Test) होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है.
- कृषि बिजली व्यवस्था को पूरा करना: टाल क्षेत्र में कृषि कार्य के लिए वर्ष 2023 में ही विद्युतीकरण का आदेश प्राप्त हुआ था, लेकिन बिजली विभाग की शिथिलता के कारण विभागीय कार्य आज भी अधूरा पड़ा हुआ है.
- कोनीपार सोनाजान गांव में जलजमाव का स्थायी समाधान: गांव को जलजमाव से मुक्ति दिलाने के लिए बासु डोभा और महादेव महतो तालाब के पास से मुख्य ग्रामीण सड़क के उत्तरी भाग होते हुए गोपालापारी तक बड़े नाले का निर्माण कराने की मांग की गई है.
शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद
समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि टाल क्षेत्र के किसान और आम ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं. यदि इन महत्वाकांक्षी योजनाओं को समय पर पूरा कर दिया जाए, तो क्षेत्र की कृषि व्यवस्था और यातायात में बड़ा सुधार आएगा.
