सूर्यगढ़ा : सूर्यगढ़ा नगर परिषद क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं और राहत-बचाव व्यवस्था का जायजा लेने के लिए अधिकारी बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचे. जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिला परिवहन पदाधिकारी सह सूर्यगढ़ा प्रखंड के वरीय प्रभारी पदाधिकारी मुकुल पंकज मनी और जिला कल्याण पदाधिकारी ने कटेहर स्थित गौरी शंकर धाम के समीप बाढ़ प्रभावित महादलित परिवारों से मुलाकात की.
अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली. साथ ही बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाये जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों और उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं का भी जायजा लिया.
राहत कार्य में कमी नहीं रखने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और संबंधित कर्मियों को प्रभावित लोगों तक समयबद्ध और बेहतर सेवाएं पहुंचाने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि राहत कार्य में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और बाढ़ प्रभावित परिवारों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाये.
बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा
जिला परिवहन पदाधिकारी मुकुल पंकज मनी ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनके साथ खड़ा है. बाढ़ और आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है.
स्थानीय लोगों ने भी जिला प्रशासन की ओर से की गयी व्यवस्थाओं और राहत कार्यों की सराहना की. लोगों ने प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया.
अफवाहों से बचने की अपील
अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की. उन्होंने कहा कि केवल जिला प्रशासन और अधिकृत पदाधिकारियों की ओर से जारी प्रमाणिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. किसी भी जरूरी सूचना या सहायता के लिए प्रशासन के आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करने को कहा गया.
हर साल किऊल नदी के बढ़ते पानी से प्रभावित होते हैं परिवार
बताया जाता है कि सूर्यगढ़ा नगर परिषद क्षेत्र में गौरी शंकर धाम के समीप महादलित मल्लिक परिवारों की आबादी सुरक्षा तटबंध की नदी साइड में बसी हुई है. किऊल नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह इलाका हर साल बाढ़ की चपेट में आ जाता है.
बाढ़ की मौजूदा स्थिति को देखते हुए महादलित मल्लिक परिवारों ने प्रशासन से राहत और बचाव कार्य को और प्रभावी बनाने की मांग की है.
बाढ़ प्रभावित इलाके में अधिकारियों ने क्या देखा
- प्रभावित महादलित परिवारों से सीधे बातचीत की.
- लोगों की समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली.
- राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया.
- कर्मियों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
- प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया.
- अफवाहों से बचने और आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की.
