सूर्यगढ़ा में स्विमिंग पूल बना खेल का मैदान: घुटने भर पानी में खो-खो की प्रैक्टिस करने को मजबूर नौनिहाल

बिहार के लखिसराय में बारिश के कारण सूर्यगढ़ा पब्लिक हाई स्कूल का खेल मैदान तालाब में तब्दील हो गया है. जल निकासी की व्यवस्था न होने से छोटे खिलाड़ी घुटने भर पानी में खो-खो का अभ्यास करने को मजबूर हैं. यह गंभीर समस्या खेल प्रतिभाओं के विकास में बाधक बन रही है.

बिहार के लखिसराय जिले के सूर्यगढ़ा नगर परिषद क्षेत्र से प्रशासनिक उदासीनता और खिलाड़ियों की बेबसी को उजागर करने वाली एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है. भारी मानसूनी बारिश के कारण सूर्यगढ़ा स्थित पब्लिक हाई स्कूल का खेल मैदान पूरी तरह जलमग्न हो चुका है. मैदान में जलनिकासी (ड्रेनेज) की कोई व्यवस्था न होने से हालात इस कदर बदतर हैं कि क्षेत्र के उभरते हुए नन्हे खिलाड़ी घुटने भर पानी के बीच ही उतरकर खो-खो जैसे आउटडोर खेल का अभ्यास करने को विवश हैं.

सुबह 7 बजे पानी के बीच दिखा खिलाड़ियों का जज्बा

रविवार की सुबह करीब सात बजे जब आम लोग घरों में थे, तब देश के लिए मेडल जीतने का सपना देखने वाले बच्चे इस जलमग्न मैदान में पसीना बहाते नजर आए:

  • तालाब में तब्दील हुआ मैदान: हर वर्ष मानसून के आते ही यह मैदान खेल के मैदान के बजाय एक बड़े तालाब जैसा दिखने लगता है.
  • प्रतिभाएं हो रही कुंठित: अभ्यास के लिए पहुंचे खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों का कहना है कि नियमित प्रैक्टिस न होने से खेल का स्तर प्रभावित हो रहा है. सालों-साल से बनी इस गंभीर समस्या के कारण जिले की खेल प्रतिभाएं आगे बढ़ने से पहले ही कुंठित हो रही हैं.

खो-खो संघ के जिला सचिव ने जताई गहरी चिंता

खिलाड़ियों की इस दयनीय स्थिति पर खो-खो संघ के जिला सचिव अमित कुमार राजपूत ने गहरा रोष और चिंता व्यक्त की है. उन्होंने बताया:

"यह समस्या आज की नहीं बल्कि कई वर्षों पुरानी है. बारिश का मौसम शुरू होते ही खिलाड़ियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाता है. चूंकि सूर्यगढ़ा में बच्चों के पास प्रैक्टिस के लिए कोई दूसरा वैकल्पिक खेल मैदान (Alternative Ground) उपलब्ध नहीं है, इसलिए मजबूरी में बच्चों को इसी गंदे और जमा हुए पानी में उतरकर खो-खो की प्रैक्टिस करनी पड़ रही है. विभाग और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जो बेहद निराशाजनक है."

पब्लिक हाई स्कूल ही नहीं, प्रखंड कार्यालय मैदान का भी बुरा हाल

जलनिकासी की लचर व्यवस्था का असर सूर्यगढ़ा के केवल एक मैदान पर नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित खेल मैदान की स्थिति भी जस की तस बनी हुई है. दोनों ही प्रमुख मैदानों में पानी जमा रहने से क्षेत्र की तमाम खेल गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं. स्थानीय खिलाड़ियों ने जिला प्रशासन से अविलंब मोटर या नाला निर्माण के जरिए जलनिकासी कराकर मैदानों को खेलने योग्य बनाने की गुहार लगाई है.

मुख्य पार्षद का बयान: सांसद ललन सिंह को भेजा गया पत्र

मैदान की इस दुर्दशा और जलजमाव को लेकर सूर्यगढ़ा नगर परिषद की मुख्य पार्षद रूपम देवी ने अपनी प्रशासनिक विवशता और आगामी योजनाओं के बारे में जानकारी दी:

  1. नगर परिषद के पास फंड नहीं: मुख्य पार्षद ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में नगर परिषद के पास मैदान में मिट्टी भराई (सैंड फिलिंग) को लेकर ऐसी कोई बड़ी योजना या फंड उपलब्ध नहीं है.
  2. सांसद से लगाई गुहार: उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष आपात स्थिति में यहां मोटर पंप लगाकर पानी बाहर निकाला जाता है, लेकिन इस बार जलजमाव बहुत अधिक है. इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्थानीय माननीय सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है. पत्र के माध्यम से उनका ध्यान पब्लिक हाई स्कूल और प्रखंड कार्यालय परिसर के जलजमाव की ओर आकृष्ट कराते हुए केंद्रीय/सांसद फंड से ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने की मांग की गई है. मुख्य पार्षद ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही सांसद स्तर से इस समस्या का परमानेंट निराकरण कर दिया जाएगा.


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लेखक के बारे में

राजेश गुप्ता प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सूर्यगढ़ा (लखीसराय) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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