लखीसराय. जिले के सूर्यगढ़ा अंचल के कजरा क्षेत्र में एनटीपीसी सोलर प्लांट की घेराबंदी से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) से बनी सड़क बंद हो गयी है. इससे घोघी-बरियारपुर और आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के आदिवासी एवं ग्रामीण परिवारों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. रास्ता बंद होने से लोगों को आवागमन के साथ रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मामले को लेकर सोमवार को भाकपा माले की पांच सदस्यीय जांच टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली.
बरियारपुर के ग्रामीणों ने टीम के सामने रखी समस्याएं
जांच के दौरान सोलर प्लांट के उत्तर दिशा में स्थित बरियारपुर के ग्रामीणों ने जांच टीम के सामने अपनी समस्याएं रखीं. ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी हो रही है.
इस दौरान दिवाकर कुमार मंडल, रविंद्र कुमार, राजू पंडित, छोटेलाल सादा, संयोगी सादा, दुलैन सादा, शंकर सादा, मखड़ी देवी, उर्मिला देवी, रत्नी देवी और अर्जुन सादा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
घोघी-कोड़ासी के नौ गांवों में भी बढ़ी परेशानी
प्लांट के दक्षिण दिशा में घोघी-कोड़ासी क्षेत्र के करीब नौ गांवों के ग्रामीणों ने भी जांच टीम के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं. इनमें घोघी, कोड़ासी आदिवासी टोला, घोघी संथाल टोला, मेधरी संथाल टोला, हदहदिया आदिवासी टोला, मनियारा कोड़ासी, हनुमानथान कोड़ासी, दुधम कोड़ासी और कनरिया कोड़ासी शामिल हैं.
ग्रामीणों में मुन्नी देवी, चना किस्कू, डोली देवी, सुनीता सोरेन, सुखू टुडू, चना हेम्रम, शिवन टुडू, मसिया देवी, देना सोरेन, सुखदेव मुर्मू, अनीता देवी और सारजन हंसदा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.
मजदूरी, इलाज और आवागमन पर पड़ा असर
ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता बंद होने से मजदूरी के लिए आने-जाने में परेशानी हो रही है. रोजगार के लिए बाहर जाने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है. बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में भी भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों के अनुसार सड़क बंद होने का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ा है. घोघी-कोड़ासी स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय घोघी-कोड़ासी के बंद होने से आदिवासी बच्चों की शिक्षा बाधित हो रही है.
भाकपा माले की पांच सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण
प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने वाली भाकपा माले की पांच सदस्यीय जांच टीम में कामरेड शिवनंदन पंडित, कामरेड सत्यर्थी, कामरेड राजीव कुमार, कामरेड बिन्देसरी मांझी और कामरेड उपेंद्र कुमार तांती शामिल थे.
टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर रास्ता बंद होने से उत्पन्न समस्याओं की जानकारी ली और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया.
रास्ता नहीं खुला तो आंदोलन की चेतावनी
जांच टीम ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए प्रशासन से जल्द बंद रास्ता खुलवाने की मांग की है. भाकपा माले के कार्यालय सचिव शिवनंदन पंडित ने कहा कि मामले को लेकर अंचलाधिकारी और जिलाधिकारी को आवेदन देकर रास्ता अविलंब खुलवाने की मांग की जायेगी. उन्होंने कहा कि यदि रास्ता नहीं खोला गया तो संगठन ग्रामीणों के हित में आंदोलन करने को बाध्य होगा.
ग्रामीणों को प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद
पीएमजीएसवाई सड़क के बंद होने से प्रभावित गांवों के लोगों का कहना है कि यह रास्ता उनके लिए आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले का तत्काल समाधान कर आवागमन बहाल कराने की मांग की है, ताकि मजदूरी, इलाज और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो.
