शहीद रोशन का मनाया गया छठा शहादत दिवस

जल्द ही उनकी प्रतिमा को स्थापित करायेंगे

छह वर्ष पूर्व नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए थे सीआरपीएफ जवान रौशन

मरणोपरांत मिला था शहीद रौशन को वीरता पदक

वक्ताओं ने शहीद रौशन को बताया अदम्य साहसी व्यक्तित्व का स्वामी

मुखिया ने शहीद रौशन की प्रतिमा लगाने की कही बात

ग्रामीणों ने शहीद राैशन बनाये जाने की रखी मांग

रामगढ़ चौक. प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत औरे के गरसंडा गांव में शहीद रोशन का छठा शहादत दिवस दुर्गा स्थान के प्रांगण में मनाया गया. जिसमें एएसपी अभियान मोतीलाल, रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार पंडित एवं 205 कोबरा बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल बरवाडीह गया के सब इंस्पेक्टर राजवीर सिंह अपनी टीम के साथ उपस्थित हुए. वहीं पूर्व राजद विधायक फुलेना सिंह उपस्थित रहे. शहादत दिवस के मौके पर सर्वप्रथम उपस्थित लोगों को पांच मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की एवं उनकी चित्र पर बटालियन की सलामी के साथ पुष्पमाला अर्पित किये गये. बता दें कि शहीद रौशन ने विगत 13 फरवरी 2019 को गया जिले के लुटुआ थाना अंतर्गत आसुराईन गांव जंगलों में नक्सलियों के विरूद्ध चलाये जा रहे हैं विशेष अभियान के दौरान मुठभेड़ में आदम्य साहस एवं वीरता का परिचय अपनी शहादत दी थी. अदम्य साहस, शौर्य और वीरता के लिए इन्हें वीरता पदक से भी मरणोपरांत सम्मानित किया गया था. शहादत समारोह का संचालन सौरभ कुमार के द्वारा किया गया. वहीं शहादत सभा को संबोधित करते हुए रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष मृत्युंजय पंडित ने बताया कि शहीद रौशन से समाज के हर एक नौजवान को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है. जिन्होंने अपने देश के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण को न्योछावर कर दिया. इसलिए हम सभी नौजवानों को अपने कर्तव्य और देश के प्रति समर्पित होना चाहिए. वहीं मुखिया राजीव कुमार ने कहा कि शहीद रौशन की प्रतिमा स्थापित करने की मांग शहादत दिवस के दिन से ही हो रही थी. उसके लिए जगह चिन्हित कर लिया गया है. वे अपनी योजना से जल्द ही उनकी प्रतिमा को स्थापित करायेंगे. वहीं पूर्व राजद विधायक फुलेना सिंह ने कहा कि शहीद रौशन की शहादत पर पूरे देश को गर्व है. खासकर लखीसराय जिला के लिए विशेष गर्व की बात है कि हमारे बीच का एक नौजवान अपने देश के एकता और अखंडता को बरकरार रखने के लिए अपने प्राण की बाजी लगा दी. एएसपी मोतीलाल ने कहा कि जिस समय शहीद रौशन की शहादत गया में हुई थी, उस वक्त उनकी पोस्टिंग भी वहीं थी. वे ही उनके पार्थिव शरीर को लेकर यहां आया था और आज में उसके शहादत दिवस पर उपस्थित हैं. मैंने उन्हें एक करीब से देखा हूं. उनमें थोड़ा सा भी भय नहीं था. सदैव अपने टीम में आगे बढ़कर मुकाबला करता था. जिसको लेकर उसे वीरता पदक से भी सम्मानित किया गया. मौके पर सौरभ कुमार, टुनटुन कुमार सिंह, मनोज कुमार, संजीत कुमार आदि दर्जनों लोगों के द्वारा बताया गया कि शहीद रोशन की शहीद हुए छह साल बीत जाने के बावजूद भी अभी तक शहीद द्वार का निर्माण नहीं करवाया गया है. इसलिए वे लोग यहां के जनप्रतिनिधि से यह मांग करते हैं कि युवाओं के मनोबल को बढ़ाने के लिए शहीद रोशन के नाम का शहीद द्वार जल्द से जल्द निर्माण कराया जाय.

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