भटकने से बेहतर है लोक अदालत में कराये मामले का निपटारा: जिला जज

व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया

व्यवहार न्यायालय परिसर में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत

प्रधान जिला जज व डीएम ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन

राष्ट्रीय लोक अदालत में 3453 में 285 मामलों का हुआ निष्पादन

प्री-लिटिगेशन में 29,011 मामलों में 1452 का हुआ निपटारा

सुनवाई के दौरान एक करोड़ 44 लाख 75 हजार 633 रुपये का हुआ सेटलमेंट

प्री-लिटिगेशन में एक करोड़ 10 लाख 83 हजार 376 रुपये की हुई वसूली

लखीसराय. व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. लोक अदालत का उद्घाटन जिला सत्र एवं प्रधान न्यायाधीश मोहम्मद सैयद शब्बीर आलम, डीएम शैलेंद्र कुमार, एडीएम नीरज कुमार, जिला विधि संघ के जिला अध्यक्ष सुबोध कुमार, सचिव राजेश कुमार एवं अन्य अधिकारियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिस पर तुरंत सुनवाई कर करवाई होती है. उन्होंने कहा कि दो पक्षों के बीच सुलह करा कर मामला का निष्पादन कराया जाता है. किसी भी तरह की समस्या का समाधान यहां पर हो जाता है. लोगों को इधर-उधर भटकने से अच्छा है कि वे लोग अदालत पहुंचकर अपनी समस्या का समाधान कर लें. मौके पर जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने भी कहा कि लोक अदालत न्यायालय का अच्छा एवं सराहनीय पहल है. जहां लोगों की समस्याओं को ढूंढ कर उन्हें आमंत्रित कर बुलाया जाता है एवं उनके समस्या का समाधान कराया जाता है. मौके पर न्यायाधीश एवं दंडाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे. इस अवसर पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम, रजनी कुमारी, अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सीमा भारतीय, अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय शुभनंदन झा और अपर सत्र न्यायाधीश पंचम राजन कुमार सहित कई मुख्य न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे. लोक अदालत की समाप्ति के उपरांत डालसा सचिव विधानंद सागर ने बताया कि इस बार कुल 13 बेंचों का गठन किया गया था, जिनमें से 03 बेंच विशेष रूप से ट्रैफिक चालान और ई-चालान के मामलों के लिए थीं. लोक अदालत के दौरान शनिवार को कुल 3453 कोर्ट केस के टेक-अप मामले आये, जिसमें 285 मामलों का निष्पादन आपसी समझौते के आधार पर कर दिया गया. वहीं प्री-लिटिगेशन मामलों में 29,011 टेक-अप किये गये, जिनमें से 1452 का निपटारा हुआ. इसके साथ ही ट्रैफिक चालान के कुल 314 वादों का निपटारा किया गया. उन्होंने बताया कि प्री-लिटिगेशन मामलों में एक करोड़ 10 लाख 83 हजार 376 रुपये की वसूली हुई. जबकि अन्य सभी मामलों को मिलाकर कुल एक करोड़ 44 लाख 75 हजार 633 रुपये का सेटलमेंट हुआ. उन्होंने बताया कि आम जनता की सुविधा के लिए परिसर में 08 हेल्प डेस्क बनाये गये थे. साथ ही, पेयजल, चिकित्सा और एंबुलेंस की भी पुख्ता व्यवस्था की गयी थी ताकि आने वाले फरियादियों को किसी प्रकार की समस्या न हो.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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