लखीसराय से अजीत सिंह एवं देव कुमार की रिपोर्ट: स्थानीय व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सैयद शब्बीर आलम, जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और जिला विधि संघ के अध्यक्ष सुबोध कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारियों ने लोक अदालत को आम जनता के लिए सुलभ और सस्ता न्याय पाने का सबसे बेहतर माध्यम बताया.
त्वरित न्याय के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म है लोक अदालत: जिला जज
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सैयद शब्बीर आलम ने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहां मामलों की त्वरित सुनवाई कर उनका निष्पादन किया जाता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यहां दो पक्षों के बीच आपसी सहमति और सुलह के आधार पर विवादों को खत्म किया जाता है. जिला जज ने आम लोगों से अपील की कि कोर्ट-कचहरी के चक्कर में इधर-उधर भटकने के बजाय वे लोक अदालत पहुंचकर अपनी समस्याओं का स्थायी समाधान कराएं.
प्रशासन ने बताया न्यायालय की सराहनीय पहल
मौके पर मौजूद जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने लोक अदालत की उपयोगिता की सराहना करते हुए इसे न्यायालय की एक मानवीय पहल बताया. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में लोगों की समस्याओं को पहचान कर उन्हें आमंत्रित किया जाता है और सम्मानजनक तरीके से विवादों को सुलझाया जाता है. इससे न केवल अदालतों का बोझ कम होता है, बल्कि समाज में सद्भाव भी बढ़ता है.
विभिन्न बेंचों पर हुई वादों की सुनवाई
लोक अदालत के सफल संचालन के लिए न्यायालय परिसर में विभिन्न बेंचों का गठन किया गया था. इन बेंचों पर दीवानी, आपराधिक, बैंकिंग, बिजली और राजस्व से जुड़े सुलहनीय वादों का निपटारा किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे पक्षकारों ने आपसी रजामंदी से अपने पुराने मुकदमों को समाप्त किया. कार्यक्रम में जिले के कई न्यायाधीश, दंडाधिकारी और विधि संघ के सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
