राष्ट्रीय गुणवत्ता यकीन मानक में पिछड़ रहे स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति में करें सुधार: डीएम

जिला समाहरणालय परिसर में स्थित मंत्रणा कक्ष के सभागार में शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षात्मक बैठक कर जिलाधिकारी रजनीकांत के द्वारा विभिन्न दिशा निर्देश दिया गया.

लखीसराय. जिला समाहरणालय परिसर में स्थित मंत्रणा कक्ष के सभागार में शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षात्मक बैठक कर जिलाधिकारी रजनीकांत के द्वारा विभिन्न दिशा निर्देश दिया गया. राष्ट्रीय गुणवत्ता यकीन मानक पर खरे नहीं उतरने वाले स्वास्थ्य केंद्रों के स्थिति में सुधार का निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि एनक्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पदाधिकारी कर्मचारी नर्स समन्वय बनाकर एक सप्ताह के अंदर स्थिति में सुधार करें. जिसकी समीक्षा की जायेगी. सदर अस्पताल के नाले की उड़ाही कार्य नहीं होने से जलजमाव की समस्या पैदा होती है. नगर परिषद से समन्वय करते हुए इसका निदान करें. जिसमें जिला प्रशासन अपने स्तर से सहयोग देगा. इसके अतिरिक्त एनक्वास के मद्देनजर चार सौ पेड़ पौधा लगाने के लिए उप विकास आयुक्त को पौधा उपलब्ध कराने एवं अस्पताल प्रबंधक को संपूर्ण जवाबदेही दी गयी. साथ ही सदर अस्पताल की जो भी भवन जर्जर स्थिति में है उसका मरम्मती का आदेश दिया गया. आशा के द्वारा किये गये कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि पंचायत वार मासिक समीक्षा कर जिन आशा का इंसेंटिव दो हजार रुपये से कम प्राप्त हो उसे चयनमुक्त करें. सभी आशा को शत प्रतिशत एनसीडी पोर्टल पर ऑनलाइन करना है. इसके लिए ट्रेनिंग के बाद इसे पूर्ण रूप से संपादित कराया जाय और नहीं करने वाली आशा की सूची उपलब्ध करायी जाय. साथ ही स्क्रीनिंग डाटा कि समीक्षा कर अगले महीने से सभी स्क्रीनिंग के दौरान उच्च रक्तचाप तथा मधुमेह के डाटा लक्ष्य के साथ प्रस्तुत किया जाय. यक्ष्मा रोग को लेकर सतर्कता बरती जाय. टारगेट दुगना हो गया है. संभावित मरीज का स्पूटम कलेक्ट करते हुए निर्धारित तिथि को कूरियर के माध्यम से अपने प्रथम मुख्यालय भेजा जाये और वहां स्पूटम कि जांच करते हुए जो भी फलाफल प्राप्त हो उससे डीएम को अवगत कराने का निर्देश दिया गया. 80 प्रतिशत दवा की उपलब्धता पर संतोष जताते हुए स्थिति बरकरार रखने का निर्देश दिया गया. एएनसी जांच के बावजूद महिलाओं का संस्थागत प्रसव में कमी को लेकर नाराजगी जताते हुए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि वैसे महिलाओं को चिन्हित करें जिनका चार एएनसी हुआ है और प्रत्येक गर्भवती महिलाओं का आशा के माध्यम से ट्रैकिंग करें. ओपीडी 87 प्रतिशत तो आईपीडी 29 प्रतिशत को लेकर मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान कर स्थिति में सुधार का निर्देश दिया गया. बैठक में उप विकास आयुक्त कुंदन कुमार. सिविल सर्जन डॉ विनोद प्रसाद सिन्हा, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती, उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार, जिला लेखा प्रबंधक, प्रभारी जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी रवि कुमार सभी प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक आदि मौजूद थे.

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