बीएनएम कॉलेज बड़हिया में एनएसएस शिविर का समापन
बीएनएम कॉलेज बड़हिया में एनएसएस शिविर का समापन
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ दिया जागरूकता का संदेश
बड़हिया. बीएनएम कॉलेज बड़हिया की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन मंगलवार को समारोहपूर्वक किया गया. 22 अप्रैल से 28 अप्रैल तक चले इस शिविर के अंतिम दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों व जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन हुआ. समापन समारोह में स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला हाइजीन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता फैलायी. नुक्कड़ नाटकों ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया और सामाजिक संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया. इस अवसर पर डॉ. जेसिका ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं में मानसिक बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में जागरूकता और समय पर इलाज बेहद जरूरी है. उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करने और पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की अपील की. वहीं सहायक प्राध्यापक डॉ सौरभ बिरला ने पीपीटी के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं और छात्रों के सवालों के जवाब भी दिये. कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. प्रमोद यादव ने सात दिनों की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि शिविर के दौरान गोद लिए गये गांव खुशहाल टोला में स्वच्छता अभियान चलाया गया. साथ ही महिलाओं के बीच हाइजीन को लेकर जागरूकता फैलायी गयी और सेनेटरी पैड का वितरण किया गया. पर्यावरण संरक्षण के तहत पौधारोपण भी किया गया. शिविर के तीसरे दिन ‘मानसिक स्वास्थ्य और युवा’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ पूनम कुमारी ने की. उन्होंने स्वयंसेवकों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों में सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास करता है तथा ऐसे शिविर युवाओं को समाज से जोड़ने का काम करते हैं. कार्यक्रम का संचालन डॉ रेणु चौधरी ने किया, जबकि अंत में प्रो प्रमोद यादव ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया. सात दिवसीय इस विशेष शिविर ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के अपने उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा किया. शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हुआ.