कचरे के ढेर में मिली नन्हीं ''परी'' को मिला नया जीवन, ओडिशा के दंपति ने लिया गोद

कचरे के ढेर में मिली नन्हीं 'परी' को मिला नया जीवन, ओडिशा के दंपति ने लिया गोद

डीएम शैलेंद्र कुमार ने की बालिका की विधिवत सुपुर्दगी, एसबीआइ में अधिकारी हैं दत्तक माता-पिता

लखीसराय. जिले के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में नौ माह की बालिका परी कुमारी के दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई. मंगलवार को जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बालिका को उसके नए माता-पिता को विधिवत सुपुर्द किया. इस भावुक क्षण के दौरान जिला प्रशासन और बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी मौजूद रहे. बालिका परी कुमारी की कहानी अत्यंत मार्मिक है. उसे 31 जुलाई 2025 को नया बाजार क्षेत्र के गोपाल भंडार गली में कचरे के ढेर के पास झाड़ियों में एक झोले में लावारिस (परित्यक्त) अवस्था में पाया गया था. जिला प्रशासन ने उसे तुरंत अपने संरक्षण में लिया और विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में उसकी देखरेख शुरू की गयी. परी को 22 दिसंबर 2025 को ”प्री-अडॉप्शन फोस्टर केयर” के तहत ओडिशा के कालाहांडी निवासी एक दंपति को सौंपा गया था. यह दंपति भारतीय स्टेट बैंक, नवी मुंबई में वरिष्ठ अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. सभी कानूनी और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद अब बालिका का अंतिम दत्तक ग्रहण संपन्न हुआ, जिससे उसे एक स्थायी परिवार और सुरक्षित भविष्य मिल गया है. यह पूरी प्रक्रिया जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार व जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक वंदना पांडेय के मार्गदर्शन में पारदर्शी तरीके से पूरी की गयी.

इस अवसर पर संस्थान की समन्वयक मीनाक्षी कुमारी, सोशल वर्कर सह चाइल्डहुड एजुकेटर मुकेश कुमार, नर्स स्वाति कुमारी एवं अन्य कर्मी उपस्थित रहे. प्रशासन की इस पहल की सराहना की जा रही है, जिसने एक लावारिस मासूम को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर एक प्रतिष्ठित परिवार का हिस्सा बनाया.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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