सूर्यगढ़ा (लखीसराय) से राजेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
Muharram Akhara: जिले के सूर्यगढ़ा में मुहर्रम पर्व के अवसर पर गुरुवार को विभिन्न अखाड़ा समितियों की ओर से भव्य सिपल जुलूस निकाला गया. पुरानी बाजार, चकमसकन मंठटोल और कटेहर गाछी अखाड़ा की ओर से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. जुलूस के दौरान आकर्षक सिपल, पारंपरिक युद्धक कलाओं का प्रदर्शन और या अली-या हुसैन के नारों से पूरा इलाका गूंजता रहा.
आकर्षण का केंद्र बना सिपल
मुहर्रम के अवसर पर विभिन्न अखाड़ा समितियों द्वारा तैयार किया गया सिपल लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा. जुलूस मार्ग पर सैकड़ों लोग सिपल को देखने और श्रद्धा प्रकट करने के लिए मौजूद रहे. अखाड़ा के सदस्यों ने पारंपरिक शैली में सिपल के साथ नगर भ्रमण किया.
युवाओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
जुलूस के दौरान अखाड़ा के युवाओं ने तलवार, भाला, गड़ासा और लाठी के साथ विभिन्न प्रकार के करतब प्रस्तुत किए. इसके अलावा आग के साथ भी कई रोमांचक प्रदर्शन किए गए. युवाओं के कौशल और अनुशासन ने लोगों को प्रभावित किया.
या अली, या हुसैन के नारों से गूंजा इलाका
जुलूस में शामिल लोगों ने या अली, या हुसैन के नारे लगाते हुए हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया. इस दौरान इस्लाम धर्मावलंबियों के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए. जुलूस ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया.
कर्बला की शहादत को किया याद
जुलूस के दौरान लोगों ने कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके परिवार की शहादत को याद किया. अखाड़ा के सदस्यों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से मैदान-ए-जंग के दृश्यों को प्रस्तुत किया. लोगों ने बताया कि इमाम हुसैन ने सत्य और इंसाफ की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था, लेकिन अन्याय के सामने कभी सिर नहीं झुकाया.
शहीद स्मृति चौक पर हुआ अखाड़ों का मिलन
Muharram Akhara: पुरानी बाजार, चकमसकन मंठटोल और कटेहर गाछी अखाड़ा समितियों का मिलन सूर्यगढ़ा बाजार स्थित शहीद स्मृति चौक पर हुआ. यहां विभिन्न अखाड़ों के सदस्यों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और मुहर्रम की परंपराओं का निर्वहन किया.
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
जुलूस को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष रोहित कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल पूरे समय तैनात रहा. जुलूस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ.
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