सूर्यगढ़ा. प्रखंड के भवानीपुर गांव में शुक्रवार सुबह उस समय मातम पसर गया, जब 30 वर्षीय प्रवासी मजदूर दयानंद कुमार का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा. उड़ीसा में मार्बल मिस्त्री का काम करने के दौरान हाई वोल्टेज बिजली तार की चपेट में आने से उनकी मौत हो गयी थी. बताया जाता है कि भवानीपुर गांव के रहने वाले जयराम महतो के पुत्र दयानंद कुमार पिछले पांच वर्षों से ओडिशा में कार्यरत थे. 15 अप्रैल की देर शाम उड़ीसा में काम के दौरान हादसा हुआ, जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर साथियों व ग्रामीणों के सहयोग से शव को गांव लाया गया. दो दिनों से परिजन पार्थिव शरीर के इंतजार में थे. शव पहुंचते ही पत्नी सुलेखा देवी बेसुध होकर रोने लगीं. उन्हें संभालने में महिलाओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी. दयानंद अपने पीछे पांच वर्ष और डेढ़ वर्ष के दो छोटे बच्चों को छोड़ गये हैं.बूढ़े माता-पिता भी गहरे सदमे में हैं. शव पहुंचने पर उसके अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. बाद में पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार हेतु गौरीशंकर घाट ले जाया गया. इस दुखद घटना पर ग्रामीण सुखो महतो सहित अन्य ने सरकार से ‘बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना’ के तहत शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके. ———————————————————————————-
उड़ीसा में करंट लगने से प्रवासी मजदूर की मौत, शव पहुंचते ही भवानीपुर में छाया मातम
15 अप्रैल की देर शाम उड़ीसा में काम के दौरान हादसा हुआ,
