विश्व हीमोफीलिया दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

छोटी सी चोट भी अंदरूनी रक्तस्राव का कारण बन सकती है।जोड़ों में सूजन या जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है

हीमोफीलिया का नहीं है कोई इलाज, जरा सी चोट लगने पर बहने लगता है खून

लखीसराय. विश्व हीमोफीलिया दिवस के अवसर पर शुक्रवार शहर के नया बाजार में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें लोगों को संबंधित बीमारी के बारे में जानकारी उपलब्ध कराया गया. सदर अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ निशांत निराला ने विश्व हीमोफीलिया दिवस पर वंशानुगत रक्तस्राव विकार से पीड़ित वैश्विक समुदाय सभी वंशानुगत रक्तस्राव विकार के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. उन्होंने बताया कि हीमोफीलिया एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार है, जिसमें खून के थक्के नहीं जमते. छोटी सी चोट भी अंदरूनी रक्तस्राव का कारण बन सकती है।जोड़ों में सूजन या जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है. हीमोफीलिया को एक दुर्लभ ब्लड डिसऑर्डर के रूप में जाना जाता है. जिसमें मरीज को अगर कहीं चोट लग जाय या नाक से खून आने लगे को खून रुकने का नाम नहीं लेता है. ज्यादा खून बहने से इंसान को कई मुश्किल झेलनी पड़ती हैं. इस कंडीशन में पीड़ित के शरीर में खून जमना बंद हो जाता है. ब्लड क्लॉट न हो पाने से ऐसे लोगों का खून ज्यादा बह जाता है. जरा सी चोट लगने पर गंभीर ब्लीडिंग होने लगती है. ज्यादा खून आने से चक्कर, जोड़ों में सूजन, दर्द और अकड़न जैसी समस्या पैदा हो जाती है. उन्होंने हीमोफीलिया के लक्षण और कंट्रोल करने बारे विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि दुनिया भर में हीमोफीलिया से पीड़ित 75 प्रतिशत से अधिक लोगों का निदान नहीं हो पाता है.

हीमोफीलिया से निदान: देखभाल का पहला कदम

हीमोफीलिया जैसे गंभीर रक्तस्राव विकारों का शीघ्र निदान करने के महत्व पर प्रकाश डालना है, जो उचित उपचार और देखभाल के लिए महत्वपूर्ण है. डॉ निराला ने बताया कि हीमोफीलिया दो तरह का होता है जिसमें टाइप ए और टाइप बी होता है. अलग-अलग जेनेटिक म्यूटेशन की वजह से ये होता है. हीमोफिलिया ए काफी आम डिस ऑर्डर है, जो एफ 8 जीन में म्यूटेशन से होता है. वहीं हीमोफिलिया बी, एफ 9 जीन में म्यूटेशन के कारण होता है. हीमोफीलिया का इलाज नहीं है सिर्फ इसे मैनेज किया जा सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >