भगवान शिव साधुता की पहली और अंतिम पहचान : प्रो रामेश्वर मंडल

नगर परिषद सूर्यगढ़ा क्षेत्र में सलेमपुर रोड स्थित न्यू डीपीएस स्कूल के प्रांगण में सोमवार शाम को शिव गुरु चर्चा का आध्यात्मिक आयोजन हुआ.

सूर्यगढ़ा. नगर परिषद सूर्यगढ़ा क्षेत्र में सलेमपुर रोड स्थित न्यू डीपीएस स्कूल के प्रांगण में सोमवार शाम को शिव गुरु चर्चा का आध्यात्मिक आयोजन हुआ. जिसमें सूर्यगढ़ा नगर परिषद क्षेत्र के अलावा सूर्यगढ़ा क्षेत्र के भिन्न-भिन्न पंचायतों से शिव शिष्य परिवार के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. इस शिव गुरु चर्चा में झारखंड के देवघर से आये शिव शिष्य परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष, यूनिवर्सिटी प्रोफेसर, डीन मानविकी संकाय सह विभागाध्यक्ष दर्शन शास्त्र प्रो रामेश्वर मंडल ने कहा कि आज भगवान शिव साधुता की पहली और अंतिम पहचान है. उसकी पराकाष्ठा है शिव शिष्यता में कोई शिष्य गुरु नहीं है और न ही होंगे. शिव ही एकमात्र गुरु हैं, सर्वकालिक हैं और रहेंगे. दया की याचना भक्ति की अभिव्यक्ति है. यह मात्र एक विचार नहीं अनुभूति हैं. मार्ग शिव शिष्यता का है और मंजिल भगवान शिव स्वयं. इसलिए कहा जाता है कि शिव की शिष्यता ग्रहण करना ही हमारा एकमात्र भक्ति का सुलभ विकल्प है. शिव के बिना इस धरती पर कुछ नहीं है. शिव जगत के गुरु हैं और हमेशा रहेंगे. इससे कोई मिटा नहीं सकता. शिव चर्चा के उद्देश्य धरती के जनमानस के बीच इस संवाद को पहुंचाना है. कार्यक्रम के मंच संचालन ललन ललित द्वारा किया गया. कार्यक्रम के आयोजक सूर्यगढ़ा शिव शिष्य परिवार के अभिषेक आनंद, रंजीत कुमार, ईश्वरचंद आगत अतिथि भागलपुर से रामनारायण शर्मा और प्रो रामेश्वर मंडल के साथ साथ हजारों के संख्या में भगवान शिव के प्रति श्रद्धा रखने वाले शिव शिष्य परिवार के गुरु भाई एवं गुरु बहना शामिल हुए.

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By Prabhat Khabar News Desk

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