लखीसराय. नीट पेपर लीक, एनटीए को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को लखीसराय में छात्र-युवा संगठनों ने जोरदार प्रतिरोध मार्च निकाला. छात्र-युवाओं पर हो रहे पुलिस दमन के खिलाफ भी आक्रोश जताया गया. केआरके मैदान से जिला समाहरणालय तक निकले इस मार्च में एसएफआई, डीवाईएफआई, एआईएसएफ, एआईवाईएफ, आईवाईसी और युवा राजद के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए. हाथों में तिरंगा और संगठन के झंडे-बैनर लिए छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक पर रोक की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे. मार्च का नेतृत्व के राष्ट्रीय अध्यक्ष रौशन कुमार सिन्हा, डीवाईएफआई के जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा, एसएफआई नेता सुभाष कुमार, एआईएसएफ के गुड्डू यादव, आईवाईसी के पंकज वर्मा और युवा राजद के जिलाध्यक्ष विनय साहू ने किया.
जिलाधिकारी के आमंत्रण पर 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा 6 सूत्री मांग पत्र
समाहरणालय के समीप सभा हुई, जिसकी अध्यक्षता दीपक वर्मा ने की. बाद में जिलाधिकारी के आमंत्रण पर 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा. मांगपत्र में मुख्य मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा, पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा, एनटीए को भंग कर पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करना, दिल्ली, पटना, बेगूसराय, कटिहार समेत कई जगहों पर छात्रों पर हुए पुलिस दमन की न्यायिक जांच, और शिक्षा में भ्रष्टाचार और पेपर लीक पर प्रभावी रोक की गारंटी शामिल थी. जिलाधिकारी ने मांगों को राज्य सरकार तक भेजने का आश्वासन दिया. केएसएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. विजेंद्र प्रसाद सिंह, वार्ड पार्षद सुनील कुमार, समाजसेवी शंकर राम समेत एआईवाईएफ के रंजीत पासवान, डीवाईएफआई के आनंद कुमार, श्वेता रानी, अंजली कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा मौजूद थे.
