Lakhisarai News: लखीसराय नगर परिषद में नगर विकास एवं आवास विभाग की उड़नदस्ता टीम ने तीन दिनों तक व्यापक जांच अभियान चलाया. अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में पहुंची टीम ने नगर परिषद कार्यालय में विभिन्न विकास योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और अभिलेखों की बारीकी से जांच की.
जांच पूरी होने के बाद टीम कई योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलें अपने साथ ले गई. इससे नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
कई योजनाओं के दस्तावेजों की हुई जांच
सूत्रों के अनुसार जांच टीम ने नगर परिषद की विभिन्न विकास योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों और फाइलों का परीक्षण किया. जांच समाप्त होने के बाद कुछ फाइलें विभागीय स्तर पर आगे की समीक्षा के लिए अपने साथ ले जाई गईं.
हालांकि विभाग की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन योजनाओं या किन बिंदुओं की विशेष रूप से जांच की जा रही है.
पहले भी हुई थी जांच, लेकिन नहीं आया परिणाम
यह पहली बार नहीं है जब लखीसराय नगर परिषद की कार्यप्रणाली की जांच हुई हो.
पिछले मई महीने में भी अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर विभागीय जांच कराई गई थी. हालांकि उस जांच का परिणाम सार्वजनिक नहीं होने से लोगों में निराशा रही.
इसी वजह से इस बार भी आम लोगों की नजर जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है.
Lakhisarai News: वर्षों से उठते रहे हैं अनियमितताओं के सवाल
लखीसराय नगर परिषद पिछले कई वर्षों से विभिन्न मामलों को लेकर चर्चा में रही है.
कभी साफ-सफाई के टेंडर को लेकर सवाल उठे तो कभी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितताओं के आरोप लगे. कई अवसरों पर वार्ड पार्षदों और उपसभापति के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी सार्वजनिक रूप से सामने आए.
इन घटनाओं ने नगर परिषद की कार्यशैली को लेकर लगातार सवाल खड़े किए हैं.
लोग पूछ रहे हैं, क्या इस बार आएगी कार्रवाई की बारी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर जांच तो होती है, लेकिन उसकी रिपोर्ट और निष्कर्ष आम जनता तक नहीं पहुंचते.
यही कारण है कि इस बार लोग उम्मीद कर रहे हैं कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों या जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई भी होगी.
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग भी उठ रही है.
नगर परिषद ने जांच में सहयोग की बात कही
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रभात रंजन ने बताया कि नगर विकास एवं आवास विभाग की उड़नदस्ता टीम ने तीन दिनों तक जांच की है.
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान नगर परिषद के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने टीम को पूरा सहयोग दिया. अब आगे की कार्रवाई विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी.
फिलहाल शहरवासियों की निगाहें जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं. सभी को उम्मीद है कि इस बार जांच का परिणाम सामने आएगा और यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी मिली तो उस पर उचित कार्रवाई भी होगी.
