लखीसराय से राजीव मुरारी सिन्हा की रिपोर्ट
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आमतौर पर सोमवार को बंद रहने वाला लखीसराय संग्रहालय इस बार अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर सुबह से शाम तक खुला रहेगा. संग्रहालय प्रशासन ने छात्रों और आम लोगों के लिए विशेष शैक्षणिक भ्रमण और सांस्कृतिक जागरूकता कार्यक्रम की तैयारी की है. इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को जिले के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है.छात्रों के लिए बनेगा ‘लिविंग हिस्ट्री क्लासरूम’
संग्रहालय प्रशासन के अनुसार जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को यहां विशेष भ्रमण कराया जाएगा. विशेषज्ञ उन्हें संग्रहालय में संरक्षित पालकालीन मूर्तियों और प्राचीन अवशेषों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे. इतिहास को किताबों से बाहर निकालकर प्रत्यक्ष रूप से समझाने की यह पहल विद्यार्थियों के लिए बेहद खास मानी जा रही है.
पालकालीन मूर्तियां बनेंगी आकर्षण का केंद्र
लखीसराय संग्रहालय में संरक्षित पालकालीन मूर्तियां जिले की ऐतिहासिक समृद्धि की कहानी बयां करती हैं. यहां रखी गई दुर्लभ प्रतिमाएं और पुरातात्विक धरोहरें बिहार की प्राचीन कला और संस्कृति की झलक दिखाती हैं. संग्रहालय प्रबंधन का मानना है कि यह आयोजन युवाओं को अपनी विरासत के प्रति जागरूक करेगा.सहायक संग्रहालयाध्यक्ष ने लोगों से की अपील
सहायक संग्रहालयाध्यक्ष मृणाल रंजन ने लोगों से परिवार और बच्चों के साथ संग्रहालय आने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इतिहास केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि संग्रहालयों की दीवारों और पत्थरों में भी जीवंत रूप में मौजूद है. उन्होंने लोगों से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को समझने और उसे संरक्षित करने का संकल्प लेने का आग्रह किया.
