Health Workers Protest: बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (सेवांजलि) से जुड़े आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने सोमवार को लखीसराय सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान संघ ने बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान के आदेश का विरोध करते हुए सरकार से पुराने तरीके से उपस्थिति पंजी के आधार पर वेतन भुगतान जारी रखने की मांग की.
बायोमेट्रिक व्यवस्था पर उठाए सवाल
संघ के जिला मंत्री अमर कुमार ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी एक जून 2026 के पत्र में निर्देश दिया गया है कि जिन कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां कर्मी पंचायत सरकार भवन में जाकर उपस्थिति दर्ज करें. उन्होंने कहा कि जिले के कई पंचायतों में स्वास्थ्य केंद्रों से पंचायत सरकार भवन की दूरी 6 से 7 किलोमीटर तक है, जिससे विशेषकर महिला स्वास्थ्य कर्मियों को काफी परेशानी होगी.
'हाजिरी में समय जाएगा, काम कौन करेगा'
संघ का कहना है कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उपकेंद्र दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं. ऐसे में दो पालियों में कार्यरत महिला कर्मियों के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि पूरा समय हाजिरी लगाने में ही निकल जाएगा तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी.
चार सूत्री मांग पत्र सौंपा
धरना के दौरान संघ ने चार सूत्री मांग पत्र भी सौंपा. इसमें लिपिक संवर्ग के कर्मियों को लंबित प्रोन्नति का लाभ देने, आशा एवं आशा फैसिलिटेटर को जनवरी 2026 से लंबित प्रोत्साहन राशि के राज्यांश का भुगतान करने, अप्रैल से जून 2026 तक एनएचएम एवं राज्यांश की राशि जारी करने तथा चतुर्थ वर्गीय कर्मियों को उच्चतर वेतनमान स्वीकृत करने की मांग शामिल है.
स्थानीय समस्याओं के समाधान की भी मांग
Health Workers Protest: संघ ने मांग की कि बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने से पहले सभी कार्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में मशीनें उपलब्ध कराई जाएं. जब तक यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो जाती, तब तक वेतन का भुगतान उपस्थिति पंजी के आधार पर किया जाए. प्रदर्शन में विकास कुमार, विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों की एएनएम, आशा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे.
