मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देकर लोगों किया जाएगा जागरूक
प्रतिनिधि, लखीसराय. विश्व मलेरिया दिवस आगामी 25 अप्रैल को समुदाय में जन जागरूकता के उदेश्य से जिले के सदर अस्पताल में बुधवार के दिन जीएनएम एवं स्टाफ नर्स के बीच विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है. जिसमें मलेरिया मुक्त जिला हो हमारा, दूर होगी मलेरिया की बीमारी, जब हम सबकी होगी भागीदारी, मलेरिया से अपने परिवार को बचाओ, मच्छरदानी अपनाओ आदि स्लोगन की बात की जानी है. इस बात की जानकारी देते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अमित कुमार ने बताया कि 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में शनिवार को शपथ समारोह का आयोजन किया जायेगा, साथ ही विभिन्न विद्यालयों में बच्चों में बच्चों द्वारा प्रभात-फेरी भी निकाली जायेगी. सभी स्वास्थ्य संस्थानों के पदाधिकारी एवं कर्मियों द्वारा मलेरिया मुक्त समाज निर्माण के लिए शपथ दिलायी जायेगी और इस बीमारी से बचाव के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने, जरूरी जानकारी देने समेत अन्य जरूरी निर्णय भी लिये जायेंगे.
किसी आयु वर्ग के लोग मलेरिया से हो सकते हैं पीड़ित
जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार नरेंद्र कुमार ने बताया कि मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है. मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है. इसमें कंपकपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है. कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार आते-जाते रहता है। फेलसीपेरम मलेरिया (दिमारी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है. खून की कमी हो जाती है. बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है. फेफड़े में सूजन हो जाती है. पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है.
मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का करें प्रयोग
मलेरिया से बचाव के लिए पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े का अधिक उपयोग करें. सोने के दौरान निश्चित रूप से मच्छरदानी लगायें, इस बात का सोने के दौरान ख्याल रखें. इसके अलावा घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें एवं किसी भी कीमत पर जलजमाव नहीं होने दें. जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल डालें. घर के आसपस बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें.
