मरीजों की सुविधा के लिए स्वास्थ्यकर्मी ईमानदारी से करें काम : डॉ सत्येंद्र पासवान

रेफरल अस्पताल बड़हिया को नया नेतृत्व मिलते ही बदलाव की उम्मीदें भी तेज हो गयी हैं

रेफरल अस्पताल के नये प्रभारी डॉ. पासवान ने स्टॉफ से मांगा सीधा और ईमानदार सहयोग

बड़हिया

रेफरल अस्पताल बड़हिया को नया नेतृत्व मिलते ही बदलाव की उम्मीदें भी तेज हो गयी हैं. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में पदभार संभालने के बाद डॉ सत्येंद्र नारायण मोहन पासवान ने कहा कि बड़हिया को लेकर उनके मन में भी एक डर था. उन्होंने स्वीकार किया कि वे पहले फौज में सेवा दे चुके हैं और बीते करीब आठ वर्षों से इसी मार्ग से गुजरते रहे हैं, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि उनकी पोस्टिंग बड़हिया में होगी. जब पोस्टिंग का आदेश मिला तो मन में आशंका हुई, क्योंकि बाहर बड़हिया की जो छवि बनायी जाती है, उससे डर लगना स्वाभाविक था. यह कहते हुए उन्होंने ईमानदारी से अपनी भावना रखी. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यहां आकर उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया. बड़हिया का असली चेहरा यहां के लोगों, स्टॉफ और जनप्रतिनिधियों के व्यवहार में दिखाई दिया, जो प्रचारित छवि से बिल्कुल अलग और सकारात्मक है. जो अपनापन और सम्मान उन्हें यहां मिला, उसने सारे भ्रम को तोड़ दिया. कहा कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से लेकर पंचायत स्तर तक अगर सभी स्वास्थ्यकर्मी ईमानदारी से काम करें, तो मरीजों को अनावश्यक रूप से भटकना नहीं पड़ेगा. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि समस्याओं का समाधान किसी “माध्यम” या “बिचौलिया” के जरिये नहीं, बल्कि सीधे संवाद से होगा. उन्होंने कहा कि कोई दिक्कत हो तो सीधे बतायें, तुरंत समाधान निकाला जायेगा. रेफरल सिस्टम पर बात करते हुए नये प्रभारी ने मौजूदा व्यवस्था पर गंभीर चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि कई बार मरीज एंबुलेंस से आते हैं और प्राथमिक स्तर पर ही ‘रेफर कर दीजिए’ कहकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश होती है.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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