हलसी : हलसी थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद हैं. बघौर मुसहरी प्राथमिक विद्यालय में रविवार की देर रात अज्ञात चोरों ने पांच कमरों और कार्यालय के ताले तोड़कर लाखों रुपये के सामान पर हाथ साफ कर दिया. चोर कक्षाओं में लगे 23 पंखे और 18 बल्ब खोलकर ले गये. इसके अलावा कार्यालय में रखा टैबलेट, कैसियो, ढोलक, माइक-सेट, स्पीकर समेत अन्य शैक्षणिक सामग्री भी चोरी कर ली.
सुबह स्कूल पहुंचे प्रधानाध्यापक तो टूटे मिले ताले
प्रधानाध्यापक जयप्रकाश राम सोमवार की सुबह विद्यालय पहुंचे तो कमरों और कार्यालय के ताले टूटे मिले. अंदर जाकर जांच की गयी तो चोरी की जानकारी हुई. कक्षाओं में लगे पंखे और बल्ब गायब थे, जबकि कार्यालय में रखा इलेक्ट्रॉनिक और शैक्षणिक सामान भी नहीं मिला.
विद्यालय में चोरी की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गयी. घटना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है.
शनिवार के बाद बंद था विद्यालय
प्रधानाध्यापक जयप्रकाश राम ने बताया कि शनिवार को पठन-पाठन के बाद विद्यालय बंद कर दिया गया था. रविवार को अवकाश था. इसी दौरान चोरों ने विद्यालय को निशाना बनाया.
घटना के बाद प्रधानाध्यापक ने हलसी थाने में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और चोरी गये सामान की बरामदगी की मांग की है.
चोरी के सामान में ये चीजें शामिल
विद्यालय से चोरी हुए सामान में:
- 23 पंखे
- 18 बल्ब
- एक टैबलेट
- एक कैसियो
- एक ढोलक
- माइक-सेट
- स्पीकर
- अन्य शैक्षणिक सामग्री
पुलिस बोली- जांच और छापेमारी जारी
हलसी थानाध्यक्ष राजेश कुमार रंजन ने बताया कि विद्यालय की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है. आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. तकनीकी अनुसंधान और छापेमारी के माध्यम से आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है.
पहले भी सरकारी भवन और स्कूल बन चुके हैं निशाना
ग्रामीणों के अनुसार हलसी क्षेत्र में सरकारी भवनों और विद्यालयों में चोरी की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले प्रतापपुर पंचायत भवन और उत्क्रमित उच्च विद्यालय बहछा में भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं.
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में पुलिस की रात्रि गश्ती को लेकर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूल और भवन लगातार चोरों के निशाने पर हैं, ऐसे में रात की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है.
अब बघौर मुसहरी प्राथमिक विद्यालय में हुई चोरी के बाद पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान कर सामान बरामद करने के साथ सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है.
