लखीसराय जिले के पीरीबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत चौरा राजपुर पंचायत के घोघी गांव में स्वीकृत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (APHC) का भवन निर्माण जमीन की अनुपलब्धता के कारण अधर में लटक गया है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्माण कार्य को धरातल पर उतारने के लिए टेंडर की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज कर दी गई है, लेकिन विडंबना यह है कि अब तक स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए सरकारी जमीन ही चिह्नित नहीं की जा सकी है. जमीन का पेंच फंसने से स्थानीय ग्रामीणों में असमंजस और आक्रोश का माहौल है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सूर्यगढ़ा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने सूर्यगढ़ा अंचलाधिकारी (CO) को औपचारिक पत्र भेजकर तत्काल 25 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) निर्गत करने का अनुरोध किया है.
कुल 25 डिसमिल जमीन की दरकार, कई बार आग्रह के बाद भी सुस्ती
विभागीय मानकों के अनुसार अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए भूमि का ब्योरा:
- भूमि का मानक: स्वास्थ्य विभाग के प्राक्कलन के मुताबिक APHC भवन निर्माण के लिए कुल 25 डिसमिल भूमि की आवश्यकता है. इसमें से 19 डिसमिल मुख्य भवन परिसर और 6 डिसमिल चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) व एप्रोच के लिए आरक्षित की जानी है.
- प्रशासनिक अनदेखी: स्वास्थ्य महकमे द्वारा पूर्व में भी कई बार अंचल प्रशासन से जमीन चिह्नित करने की गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अंचल कार्यालय द्वारा स्थल निरीक्षण और भूमि चयन में लगातार की जा रही देरी से योजना का काम ठप पड़ा है.
घोघी APHC परियोजना: मुख्य बिंदु एक नज़र में
| बिंदु (Key Parameters) | विभागीय विवरण / स्थिति (Details & Status) |
| प्रस्तावित स्थल | ग्राम घोघी, चौरा राजपुर पंचायत, पीरीबाजार (सूर्यगढ़ा प्रखंड) |
| प्रस्तावित संस्थान | अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (APHC) |
| कुल भूमि आवश्यकता | 25 डिसमिल (19 डिसमिल मुख्य भवन + 6 डिसमिल बाउंड्री) |
| वर्तमान स्थिति | टेंडर की तैयारी जारी, लेकिन अंचल से जमीन चिह्नित होना बाकी |
| नोडल एजेंसी / पत्राचार | प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सीएचसी सूर्यगढ़ा द्वारा सीओ को पत्र |
| प्रभावित आबादी | चौरा राजपुर, घोघी और आसपास के दर्जनों ग्रामीण टोले |
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: 'दूरी तय कर जाना पड़ता है सूर्यगढ़ा या लखीसराय'
जमीन आवंटन में हो रही हीलाहवाली पर स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया है:
- बुनियादी स्वास्थ्य की कमी: ग्रामीणों का कहना है कि चौरा राजपुर दियारा और सुदूर इलाका होने के कारण यहां लंबे समय से बेहतर चिकित्सीय सुविधाओं का घोर अभाव है. छोटी-मोटी बीमारियों, प्रसव सेवा या प्राथमिक उपचार के लिए भी लोगों को मीलों दूर सूर्यगढ़ा या लखीसराय सदर अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं.
- सीओ की कार्यशैली पर आरोप: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के बार-बार रिमाइंडर भेजने के बावजूद अंचलाधिकारी कार्यालय द्वारा जमीन का सीमांकन और चिह्नीकरण न करना घोर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है.
ब्लॉक हेल्थ मैनेजर बोले: NOC मिलते ही शुरू होगा निर्माण कार्य
सूर्यगढ़ा के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (BHM) प्रफुल्ल कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया:
- अंचलाधिकारी की ओर से अब तक आधिकारिक रूप से जमीन चिह्नित कर स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित नहीं की गई है.
- जैसे ही अंचल प्रशासन द्वारा 25 डिसमिल सरकारी भूमि चिह्नित कर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) सौंप दिया जाएगा, विभाग निर्माण एजेंसी के माध्यम से धरातल पर निर्माण कार्य तुरंत शुरू करा देगा.
