लाली पहाड़ी महोत्सव में आये विदेशी मेहमानों ने अशोक धाम का किया भ्रमण

जिले में चल रहे तीन दिवसीय लाली पहाड़ी महोत्सव समापन में देश-विदेश से आये इतिहासकारों, शोधकर्ताओं व विद्वानों ने जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रत्यक्ष अवलोकन किया

लखीसराय.

जिले में चल रहे तीन दिवसीय लाली पहाड़ी महोत्सव समापन में देश-विदेश से आये इतिहासकारों, शोधकर्ताओं व विद्वानों ने जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रत्यक्ष अवलोकन किया. डीएम मिथिलेश मिश्र के नेतृत्व में विदेशी मेहमानों का दल शुक्रवार को ऐतिहासिक अशोक धाम मंदिर तथा पुरातात्विक महत्व वाले राजौनाचौकी गांव के भ्रमण पर गया. भ्रमण के दौरान विदेशी इतिहासकारों ने लखीसराय की प्राचीन धरोहरों, मंदिर स्थापत्य, शिल्पकला व संरक्षित अवशेषों को देखकर गहरा उत्साह व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता और पुरातात्विक धरोहरें भारतीय इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. दल ने स्थानीय कारीगरों द्वारा संरक्षित परंपरागत शिल्पकौशल तथा मंदिर परिसर में संजोई गयी ऐतिहासिक सामग्री की विशेष सराहना की. डीएम ने अतिथियों को लखीसराय के प्राचीन इतिहास, धार्मिक महत्त्व और चल रहे संरक्षण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि लाली पहाड़ी महोत्सव का उद्देश्य जिले की सांस्कृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है. उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह महोत्सव पर्यटन संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान देगा. विदेशी विद्वानों ने लखीसराय की विरासत को संरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन के प्रयासों की प्रशंसा की और भविष्य में शोध व सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नये अवसरों पर सहयोग की इच्छा भी व्यक्त की.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

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