बड़हिया के किसानों को जलभराव से हो रही भारी परेशानी

बड़हिया के किसानों को जलभराव से हो रही भारी परेशानी

बड़हिया. नगर परिषद क्षेत्र में नालों से निकलने वाले पानी की अव्यवस्थित निकासी के कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. नगर के पश्चिमी हिस्से में सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि भारी जलभराव की चपेट में आ गई है, जिससे रबी फसल की बुआई के समय किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. स्थानीय किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरा होने की वजह से उनकी फसलें व फलदार पेड़ प्रभावित हो रहे हैं. खेतों में पानी जमा होने से पेड़-पौधे सूखने लगे हैं. यह समस्या हर साल गंभीर होती जा रही है. इस बार स्थिति और भी चिंताजनक बताई जा रही है, क्योंकि जलभराव के कारण फसलें पूरी तरह से नष्ट होने के कगार पर हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों और बाजारों से निकलने वाला गंदा पानी अब खेतों में फैल रहा है. इस जलभराव से किसानों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. इस गंभीर समस्या को देखते हुए रविवार को नगर परिषद सभापति प्रतिनिधि सुजीत कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया. वे जलभराव वाले खेतों का अवलोकन करने के बाद उन रास्तों का जायजा भी लिया, जिनसे पानी खेतों में जा रहा था. इसी दौरान, किसानों ने उन्हें बताया कि रेलवे लाइन के किनारे जमा पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में जा रहा है, जिससे सैकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई है. इससे कृषि फसलों और फलदार पेड़ दोनों को भारी नुकसान हो रहा है. किसानों ने इस समस्या की जानकारी जिलाधिकारी को भी दी है, ताकि जल्दी समाधान निकल सके. सुजीत कुमार ने निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि पारंपरिक जल निकासी मार्ग को पुनर्स्थापित किये बिना स्थायी समाधान संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि पहले नगर परिषद क्षेत्र का पानी गंगा नदी के किनारे स्थित गंगतिरि में बह जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में हुए निर्माण कार्यों के कारण जल निकासी की दिशा पश्चिम की ओर मुड़ गई, जिससे खेतों में जलजमाव की समस्या बढ़ गई है. सुजीत कुमार ने आश्वासन दिया कि सोमवार से नगर परिषद के कर्मचारी अस्थायी रूप से खेतों में पानी प्रवेश करने वाले मार्गों को बंद करने का काम शुरू करेंगे. हालांकि, स्थायी समाधान तब ही संभव होगा जब सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि इंदुपुर-चुहरचक पुल के नीचे जमा गाद की सफाई की आवश्यकता है, ताकि जल निकासी का मार्ग साफ हो सके. किसानों ने नगर परिषद व जिला प्रशासन की इस पहल पर संतोष व्यक्त किया है और वे उम्मीद जताते हैं कि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा, जिससे उन्हें राहत मिल सकेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >