तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आने से किसान की मौत

टक्कर इतनी जोरदार थी कि सुधीर कुमार सिंह कुछ ही पलों में जमीन पर गिर पड़े और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

-सदायबीघा पुल पर गुरुवार को घटी घटना बड़हिया.

प्रखंड अंतर्गत सदायबीघा गांव से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आयी है. जहां एक मेहनतकश किसान की सड़क दुर्घटना में मौके पर ही मौत हो गयी. मृतक की पहचान सदायबीघा गांव निवासी स्व. कपिलदेव प्रसाद सिंह के 52 वर्षीय पुत्र सुधीर कुमार सिंह के रूप में की गयी है. घटना से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार सुधीर कुमार सिंह किसी कार्य से सदायबीघा पुल के रास्ते गुजर कर बड़हिया आ रहे थे. तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जबरदस्त टक्कर मार दिया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि सुधीर कुमार सिंह कुछ ही पलों में जमीन पर गिर पड़े और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के समय पुल पर आवागमन सामान्य था, लेकिन वाहन की रफ्तार बेहद तेज थी और चालक ने किसी प्रकार की सावधानी नहीं बरती. घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया. घटना के बाद पुल पर अफरा-तफरी मच गयी. आने-जाने वाले राहगीरों ने जैसे ही घायल अवस्था में सुधीर कुमार सिंह को देखा, तुरंत परिजनों को सूचना दी. सूचना पाकर मौके पर मुखिया प्रतिनिधि सहित कई ग्रामीण पहुंचे और आनन-फानन में उन्हें रेफरल अस्पताल ले जाया गया. जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सुधीर कुमार सिंह अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे. उनकी मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. लोग गहरे शोक में डूबे हुए हैं और आंखों में आंसू लिए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. स्थानीय प्रशासन को घटना की सूचना दे दी गयी है. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है तथा अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है.

सर्पदंश से पांच वर्षीय मासूम की मौत, परिवार में मचा कोहराम

बड़हिया. नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 17 में बुधवार की देर शाम एक हृदय विदारक घटना घटी, जहां पांच वर्षीय मासूम रौशन कुमार की सर्पदंश से मौत हो गयी. इस दुखद घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को बल्कि पूरे मोहल्ले को गहरे शोक में डाल दिया है. मृतक रौशन कुमार, स्थानीय निवासी राकेश कुमार का पुत्र था. परिजनों के अनुसार, रौशन घर के पास खेल रहा था कि अचानक जोर से चिल्लाया. जब परिवार के लोग उसके पास पहुंचे तो देखा कि उसके पैर में सांप के काटने का निशान है. आनन-फानन में रौशन को बड़हिया रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसकी स्थिति गंभीर बताते हुए लखीसराय सदर अस्पताल रेफर कर दिया. परिजन जैसे-तैसे उसे लेकर लखीसराय के लिए रवाना हुए, लेकिन दुर्भाग्यवश अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम रौशन ने रास्ते में दम तोड़ दिया. घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भारी भीड़ पीड़ित परिवार के घर पर जुट गयी. परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था. रोते रोते मां बार-बार बेहोश हो जा रही थी. वहीं पिता राकेश कुमार गहरे सदमे में हैं. इस घटना ने एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्रों की कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है. यदि बड़हिया रेफरल अस्पताल में समय पर बेहतर इलाज और एंटी वेनम की समुचित व्यवस्था होती, तो शायद रौशन की जान बचायी जा सकती थी. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यह मांग की है कि बड़हिया सांप काटने के इलाज के लिए जरूरी दवाइयों और संसाधनों की तत्काल व्यवस्था की जाय, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.

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