निर्धारित समय सीमा के भीतर सटीक आंकड़ों को अपलोड करना करें सुनिश्चित : डीएम

कृषि वर्ष 2025-26 से संबंधित कृषि सांख्यिकी के विभिन्न घटकों पर एक महत्त्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम डीएम मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में आयोजित किया गया

कृषि सांख्यिकी के विभिन्न घटकों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

फसल उत्पादन आंकड़े केवल विभागीय कार्यों के कृषि नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में भी निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका

लखीसराय

कृषि वर्ष 2025-26 से संबंधित कृषि सांख्यिकी के विभिन्न घटकों पर एक महत्त्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम डीएम मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में आयोजित किया गया. विशेष प्रशिक्षण का उद्देश्य कृषि संबंधी आंकड़ों के संग्रहण, संकलन व विश्लेषण की प्रक्रिया में गुणात्मक सुधार लाना, आंकड़ों के उपयोग को अधिक प्रभावी व सटीक बनाना था. प्रशिक्षण में मुख्य रूप से खेसरा पंजी, जींसवार विवरण, जीसीईएस, सीसीई एप तथा पोर्टल आधारित खरीफ मौसम के फसल कटनी प्रयोग से संबंधित प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गयी. अधिकारियों को बताया गया कि फसल उत्पादन से जुड़े आंकड़े केवल विभागीय कार्यों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि योजनाओं के निर्माण, फसल बीमा, आपदा प्रबंधन तथा राज्य व केंद्र सरकार की कृषि नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि कृषि सांख्यिकी के आंकड़ों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना समय की मांग है. उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक स्तर पर कार्य कर रहे अधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर सटीक आंकड़ों का अपलोड सुनिश्चित करें तथा जमीनी सत्यापन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो. उन्होंने यह भी कहा कि जीसीईएस व सीसीई एप के माध्यम से किये जा रहे फसल कटनी प्रयोग कृषि सांख्यिकी के सबसे महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें. विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकों, एप्लिकेशन संचालन, डाटा सत्यापन विधियों तथा फील्ड स्तर पर आने वाली संभावित समस्याओं के समाधान पर विस्तृत प्रस्तुति दी गयी. कार्यक्रम में अधिकारियों के सवालों का समाधान किया गया तथा सभी को निर्देश दिया गया कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग करते हुए आगामी खरीफ मौसम के लिए आंकड़ों के संग्रहण व विश्लेषण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाय. प्रशिक्षण में एडीएम नीरज कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी रामविनोद प्रसाद, डीएओ कुंदन कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी सुमन कुमारी सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, सभी प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी तथा सभी राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >