शिक्षा विभाग के घोटाले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच करायी जाय: रजनीश

घोटाले को लेकर साक्ष्य कार्यालयों से गायब हो रहे हैं और जांच अधिकारी केवल औपचारिकता निभाते दिख रहे हैं.

शिक्षा विभाग में करोड़ों की सरकारी राशि गबन का षड्यंत्र, निष्पक्ष जांच पर संदेह

लखीसराय.

जिले के शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये की सरकारी राशि के गबन की एक गंभीर आपराधिक साजिश का मामला सामने आया है. यह साजिश विभागीय तकनीकी पदाधिकारी, ठेकेदारों, बिचौलियों और विद्यालय प्रधानाचार्यों की मिलीभगत से रची गयी प्रतीत होती है. फर्जी दस्तावेजों के सहारे बिना कार्य कराये कार्य को पूर्ण दिखाया गया, जिससे सरकारी राशि की अवैध निकासी की गयी. जिला प्रशासन की निष्क्रियता और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उपरोक्त बातें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सह अधिवक्ता रजनीश कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही. उन्होंने कहा कि घोटाले को लेकर साक्ष्य कार्यालयों से गायब हो रहे हैं और जांच अधिकारी केवल औपचारिकता निभाते दिख रहे हैं. भौतिक सत्यापन के नाम पर संबंधित लोगों से मिलीभगत की जा रही है. भाकपा लखीसराय का मानना है कि यदि जिला प्रशासन निष्पक्ष चाहता तो वह जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी जैसे बिहार राज्य सतर्कता आयोग से अनुशंसा करता. इसके बजाय भ्रष्ट अधिकारियों और संवेदकों को साक्ष्य हटाने और छेड़छाड़ करने का अवसर दिया जा रहा है. पूर्व में एमडीएम, सर्व शिक्षा अभियान और शैक्षणिक भ्रमण जैसी योजनाओं में हुए घोटालों की जांच भी केवल दिखावा बनकर रह गयी थी. संवेदक बिना आपूर्ति के ही बेंच-डेस्क का भुगतान ले चुका है और उस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई. आज भी वह प्रशासनिक आयोजनों में अधिकारियों के साथ दिखता है. रजनीश कुमार ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक द्वारा जांच की घोषणा स्वागत योग्य थी, परंतु यदि वह जांच को स्वतंत्र इकाई से करवाते, तो उनकी निष्पक्षता पर विश्वास होता, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में उनकी भूमिका पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है.

रजनीश कुमार ने कहा कि भाकपा जिला इकाई यह मांग करती है कि तत्काल सभी संबंधित दस्तावेज जब्त कर प्राथमिकी दर्ज की जाय, दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा कायम किया जाय, इस घोटाले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच करायी जाय, शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगायी जाय, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंच सके.

दूसरे चरण के लिए 19 तक पंजीयन

लखीसराय. शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में निजी स्कूलों में ज्ञानदीप पोर्टल से दूसरे चरण में नामांकन के लिए पंजीयन की तिथि विस्तारित की गयी है. दूसरे चरण में नामांकन के लिए अब 19 अप्रैल तक छात्रों का पंजीयन होगा. शिक्षा विभाग की ओर से सूचना जारी की गयी है. एसएसए के संभाग प्रभारी अमित कुमार सिंह ने इस संबंध में बताया कि पंजीयन के बाद 21 अप्रैल तक पंजीकृत छात्रों का सत्यापन किया जायेगा. 25 अप्रैल को सत्यापित छात्रों को ऑनलाइन स्कूल आवंटित किये जायेंगे. 26 से 30 अप्रैल को छात्रों को विद्यालय में प्रवेश मिलेगा. विभाग ने कहा है कि आरटीई के तहत मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में अलाभकारी समूह और कमजोर वर्ग के अधिक से अधिक छात्रों का नामांकन हो, इसी उद्देश्य से ऑनलाइन नामांकन की प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ायी गयी है. लखीसराय जिला में इसके पूर्व से ही इस प्रक्रिया के तहत बच्चों का नामांकन लिया जा चुका है. बावजूद शेष बच गये बच्चों के लिए यह सुनहरा मौका होगा.

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