मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए बढ़े कदम, डीएम ने किया भूमि का निरीक्षण

केंद्रीय मंत्री एवं सांसद ललन सिंह के प्रयासों से लखीसराय जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है.

बड़हिया के गढ़ टोला में डीएम ने देखी जमीन

बड़हिया. केंद्रीय मंत्री एवं सांसद ललन सिंह के प्रयासों से लखीसराय जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले ही इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया था और अब प्रशासन ने इस दिशा में सक्रिय कदम बढ़ा दिये हैं. शुक्रवार को लखीसराय जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने बड़हिया में संभावित स्थल का निरीक्षण किया. यह भूमि गढ़ टोला में स्थित है, जो रेलवे लाइन से सटी हुई है. इस भूमि का कुल क्षेत्रफल 21 एकड़ है और इसे लोक कल्याण शिक्षण संस्थान के नाम से अंकित किया गया है. यह भूमि स्व. कपिल देव सिंह द्वारा अपने जीवनकाल में दान की गयी थी. उनके पुत्र डॉ. अर्जुन बाबू जो संस्थान के सचिव हैं उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए इस भूमि को देने का प्रस्ताव रखा है. डीएम मिथिलेश मिश्र ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लिया और भूमि का निरीक्षण करने के लिए गढ़ टोला पहुंचे. उन्होंने कोठवा मौज स्थित इस भूमि का अध्ययन किया, जिससे यह साफ हो गया कि यह स्थल मेडिकल कॉलेज के लिए उपयुक्त है. इस निरीक्षण के दौरान बड़हिया नगर परिषद के सभापति प्रतिनिधि सुजीत कुमार, जेडीयू नेता धर्मवीर कुमार, समाजसेवी संजीव कुमार, सुमित, अशोक सिंह और अन्य लोग भी उपस्थित थे. यह भूमि लोक कल्याण शिक्षण संस्थान के नाम से आरक्षित है, और इस स्थान को लेकर डीएम ने सभी पहलुओं की जांच की, ताकि भविष्य में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए कोई दिक्कत न आये. प्रशासन द्वारा इस स्थल का निरीक्षण मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है. यह कदम लखीसराय जिले के लिए एक ऐतिहासिक मौका हो सकता है, क्योंकि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले के विकास में बड़ा बदलाव आयेगा. इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि यहां के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के लिए एक उत्कृष्ट संस्थान भी मिलेगा. लखीसराय जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से आसपास के क्षेत्र में भी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतर होगी, जिससे लाखों लोगों को फायदा होगा. इसके अलावा, यह जिले के शिक्षा क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है.

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