सप्ताह में कम से कम दो दिन सुनवाई करने का दिया सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने पुराने मामलों के निपटारे पर दिया जोर
लखीसराय. जिलाधिकारी नीरज कुमार ने सोमवार को समाहरणालय स्थित अपने कक्ष में नीलाम पत्र वादों की समीक्षा की. इस दौरान मार्च 2026 की मासिक प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए डीएम ने वादों के निष्पादन की धीमी गति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि निष्पादित वादों की संख्या शून्य रहना अधिकारियों की कार्यशैली में गंभीरता के अभाव को दर्शाता है, जो स्वीकार्य नहीं है.
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को दी चेतावनी
डीएम ने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि वे अपने न्यायालय में सप्ताह में कम से कम दो दिन वादों की सुनवाई अनिवार्य रूप से करें. उन्होंने निर्देश दिया कि सबसे पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित करें और निरंतर सुनवाई कर उनका निष्पादन सुनिश्चित करें. बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी प्रतिवेदित माह में निष्पादित वादों की संख्या शून्य नहीं होनी चाहिए.
बैंकों और पुलिस के साथ समन्वय पर जोर
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक माह के प्रथम सोमवार को बैंक अधिकारियों या उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में रजिस्टर नाइन व टेन का मिलान सुनिश्चित कराया जाय. साथ ही, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) को निर्देशित किया गया कि नीलाम पत्र न्यायालयों द्वारा जारी किये गये नोटिस-सात, नोटिस-17 और बीडब्ल्यू-डीडब्ल्यू नोटिस का त्वरित गति से क्रियान्वयन कराएं ताकि राजस्व वसूली और वादों के निपटारे में तेजी आये. अगली समीक्षा बैठक में पंजाब नेशनल बैंक के अग्रणी जिला प्रबंधक को भी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है.
बैठक में ये थे मौजूद
समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) विश्वजीत कुमार सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी मुकुल पंकज मणि, स्थापना उपसमाहर्त्ता शशि कुमार, जिला जन-संपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, नजारत उपसमाहर्त्ता प्राची कुमारी, जिला योजना पदाधिकारी आशुतोष कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी प्रियंका कुमारी सहित कई अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे.
