रविवार की अहले सुबह से ही कॉलेज गंगा घाट पर लगी रही श्रद्धालुओं की भीड़
गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने मां जगदंबा स्थान में की पूजा-अर्चना
बड़हिया. माघ मास की सप्तमी तिथि के पावन अवसर पर रविवार को बड़हिया में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. अहले सुबह से ही गंगा स्नान को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बड़हिया गंगा घाट पर जुटने लगी. सूर्योदय से पहले ही घाट पर हर-हर महादेव और हर-हर गंगे के जयघोष गूंज उठे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाकर उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और सुख-समृद्धि व उत्तम स्वास्थ्य की कामना की. बसंत पंचमी के बाद आने वाली माघ सप्तमी, जिसे माघे-साते भी कहा जाता है. इस दिन गंगा स्नान के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है. इसी धार्मिक मान्यता के चलते रविवार को दूर-दराज से भी श्रद्धालु बड़हिया पहुंचे. गंगा स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने सिद्ध मंगलापीठ मां बाला त्रिपुर सुंदरी जगदंबा मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की और अपनी मन्नतें मां के चरणों में अर्पित की. इसे लेकर मंदिर परिसर में भी दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को सूर्यदेव अपने सात घोड़ों वाले रथ पर प्रकट हुए थे, जिससे संपूर्ण सृष्टि प्रकाशित हुई. इसी कारण इस तिथि को सूर्य जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. माघ सप्तमी को अचला सप्तमी, भानु सप्तमी और आरोग्य सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ सूर्य भगवान की पूजा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है और जीवन में धन-धान्य तथा समृद्धि का वास होता है. माघ सप्तमी के इस पावन अवसर पर बड़हिया पूरी तरह श्रद्धा, विश्वास व भक्ति के रंग में रंगा नजर आया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
