महिला संवाद के दौरान गांव में ही उच्च शिक्षा किये जाने की रखी मांग

सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के साथ ही महिला अधिकारों की रक्षा का संकल्प और गांव-समाज के विकास की परिकल्पना लिए महिला संवाद कार्यक्रम जारी है.

सरकार को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का भी दिया सुझाव

प्रखंडों के विभिन्न गांवों में चलाया जा रहा महिला संवाद कार्यक्रम

लखीसराय. सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के साथ ही महिला अधिकारों की रक्षा का संकल्प और गांव-समाज के विकास की परिकल्पना लिए महिला संवाद कार्यक्रम जारी है. जहां महिलाएं पहुंचकर अपनी समस्याओं को रख रहीं हैं. साथ ही सामाजिक समस्याओं को लेकर आवाज भी उठा रही है. महिला संवाद के दौरान ग्रामीण महिलाओं की मांग एवं उनकी इच्छाओं तथा आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी कार्य योजना के तहत कार्य करना भी प्रारंभ कर दिये हैं. बुधवार को लखीसराय सदर प्रखंड में सती ग्राम संगठन द्वारा अमहरा गांव में एवं उपकार ग्राम संगठन द्वारा मोरमा गांव में, बड़हिया में गणपति ग्राम संगठन दवारा खुटहा पूर्वी गांव में एवं प्रकाशमय ग्राम संगठन दवारा खुटहा पश्चिम गांव में, सूर्यगढ़ा मां शक्ति ग्राम संगठन द्वारा कावा राजपुर गांव में एवं नव जाग्रति ग्राम संगठन द्वारा बंशीपुर गांव में, हलसी में प्रकाश ग्राम संगठन द्वारा साढ़माफ गांव में एवं हिमालय ग्राम संगठन द्वारा गेरुआ परसंदा गांव में तथा चानन में आस्था ग्राम संगठन द्वारा कुंदर एवं कमल ग्राम संगठन द्वारा भलुई गांव में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. बड़हिया, सूर्यगढ़ा एवं लखीसराय सदर में महिलाओं ने पेंशन में वृद्धि, कन्या उच्च विद्यालय की स्थापना, स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण केंद्र, सामुदायिक भवन, विवाह भवन, जीविका भवन, और सामुदायिक शौचालय जैसी मांगें उठायी. वहीं हलसी एवं चानन प्रखंड में जल-निकासी, नालियों की सफाई, पशु शेड और हर घर नल योजना से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. महिला संवाद कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं ने गांव में उच्च शिक्षा की व्यवस्था, आधुनिक पुस्तकालय एवं खेल मैदान की मांग की है. संगीता सिंह ने गांव में ही व्यावसायिक शिक्षा देने की मांग की है और सरकार को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सुझाव भी दिया है. सभी सुझाव संकलित कर जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को भेजे जा रहे हैं, ताकि योजनाएं जमीनी जरूरतों के अनुरूप पूर्ण की जा सके. कार्यक्रम में सतत जीविकोपार्जन योजना, साइकिल योजना, छात्रवृत्ति, पोशाक योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना से लाभान्वित महिलाओं ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा की, जो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >