सूर्यगढ़ा
प्रखंड क्षेत्र में पिछले कई दिनों से खासकर सुबह के समय घने कोहरे का असर देखा जा रहा है. रविवार सुबह भी जब लोगों की नींद खुली तो इलाका घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटा नजर आया. सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गयी. वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ. मार्च महीने में दिसंबर जैसी ठंड और कोहरे ने लोगों को हैरान कर दिया. कोहरे का फसलों पर असर `इस बेमौसम कोहरे का फसलों पर मिला-जुला असर पड़ने की आशंका है. गेहूं, चना और मसूर जैसी रबी फसलों को हल्की नमी से कुछ लाभ मिल सकता है, लेकिन लंबे समय तक घना कोहरा रहने से उनमें रोगों का खतरा बढ़ जाता है. आम के पेड़ों में इस समय मंजर (फूल) निकल रहे हैं, जिन पर अत्यधिक नमी और ठंडक से फफूंद या कीट लगने का खतरा बढ़ जाता है, घने कोहरे के कारण आम का मंजर खराब हो रहा है. जिससे फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. मौसमी सब्जियों जैसे टमाटर, मिर्च और बैंगन में भी रोग लगने की संभावना बढ़ गयी है. मौसम में इस बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी देखा जा रहा है.मार्च में दिसंबर जैसी ठंड, घने कोहरे से लोग परेशान
प्रखंड क्षेत्र में पिछले कई दिनों से खासकर सुबह के समय घने कोहरे का असर देखा जा रहा है
