लखीसराय जिले के मेदनीचौकी क्षेत्र अंतर्गत घुमावदार सूर्यगढ़ा-माणिकपुर पीडब्ल्यूडी (PWD) मार्ग पर सुरक्षा संबंधी गंभीर संकट खड़ा हो गया है. सड़क के कई खतरनाक मोड़ों पर घनी झाड़ियां, पेड़-पौधे और झाड़-झंखाड़ उग आने से चालकों के लिए दृश्यता (Visibility) पूरी तरह बाधित हो रही है. सामने से आ रहे वाहनों के न दिखने के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों में भय का माहौल है.
50 हजार से अधिक आबादी के लिए मुख्य संपर्क मार्ग
नदी कान्ही के समीप बसे दर्जनों गांवों के 50 हजार से अधिक लोगों के लिए सूर्यगढ़ा-माणिकपुर पीडब्ल्यूडी सड़क दैनिक आवागमन का प्रमुख जरिया है. सड़क की चौड़ाई पहले से ही कम है और उस पर लगातार बढ़ता यातायात सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है. उस पर भी मोड़ों पर उगी झाड़ियों के कारण सामने से आ रहे तेज रफ्तार वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे अचानक आमने-सामने की भिड़ंत हो जाती है.
बाइक, ट्रैक्टर और टोटो हादसों में कई लोग गंवा चुके हैं जान
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इन अंधे और खतरनाक मोड़ों पर पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं. बाइक, ट्रैक्टर और टोटो (ई-रिक्शा) जैसे वाहनों के आपस में टकराने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, जबकि कुछ हादसों में लोगों की अकाल मौत भी हो चुकी है. इसके बावजूद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा इन मोड़ों की सफाई की दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
ग्रामीणों ने उठाई झाड़ियों की कटाई और सफाई की मांग
क्षेत्र के निवासियों और नियमित राहगीरों ने पीडब्ल्यूडी विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि इन खतरनाक मोड़ों पर उगे झाड़-झंखाड़ की अविलंब कटाई कराई जाए. लोगों का कहना है कि मोड़ों की सफाई होने से चालकों को सामने से आने वाली गाड़ियां स्पष्ट दिखाई देंगी, जिससे दृश्यता में सुधार होगा और इस महत्वपूर्ण मार्ग पर होने वाले सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लग सकेगी.
