लखीसराय. जिला प्रशासन एवं कला-संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ”किऊल महोत्सव 2026” के दूसरे दिन शुक्रवार की शाम भक्ति व अध्यात्म के नाम रही. सुमधुर भजनों व मंत्रमुग्ध कर देने वाली नृत्य प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया. कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ सूर्यगढ़ा विधायक रामानंद मंडल, जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र, वरीय उपसमाहर्ता शशि कुमार और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी मृणाल रंजन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
जागृति और निर्भय के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध भजन गायिका जागृति राठौर, निर्भय भारद्वाज और शिखा कुमारी की प्रस्तुति रही. कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजनों की गंगा बहाई, जिसमें पूरा परिसर सराबोर नजर आया. जैसे-जैसे भजनों की लय बढ़ी, श्रोता तालियों और जयकारों के साथ झूमने लगे. इस दौरान नृत्य कलाकारों ने भी अपनी कला के जरिए उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया.
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का है माध्यम : डीएम
मौके पर मौजूद विधायक रामानंद मंडल ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई देते हुए इसे जिले की पहचान बताया. वहीं, डीएम मिथिलेश मिश्र ने कहा कि किऊल महोत्सव का मूल उद्देश्य जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना जगाते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं.
सुरक्षा व व्यवस्था के रहे पुख्ता इंतजाम
दूसरे दिन का कार्यक्रम देर शाम तक शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ. बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों व जिले भर से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने महोत्सव की भव्यता में चार चांद लगा दिए. वरीय अधिकारियों की देखरेख में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.
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