भाकपा नेता ने शिक्षा विभाग में घोटाले की केंद्रीय सतर्कता आयोग से की शिकायत

जिला भाकपा कार्यकारिणी सदस्य अधिवक्ता रजनीश कुमार ने केंद्रीय सतर्कता आयोग से पत्र भेजकर शिक्षा विभाग में हुए घोटाले के निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग की है.

लखीसराय. जिला भाकपा कार्यकारिणी सदस्य अधिवक्ता रजनीश कुमार ने केंद्रीय सतर्कता आयोग से पत्र भेजकर शिक्षा विभाग में हुए घोटाले के निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग की है. इस संबंध में उन्होंने अपने भेजे गये पत्र में कहा है कि शिक्षा विभाग के स्थापना, योजना एवं लेखा, एमडीएम एवं समग्र शिक्षा में अरबों रुपये बिना काम किये निकासी कर गबन कर लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है. वित्तीय वर्ष 22-23, 23-24 और 24-25 में विद्यालय सुद्दढ़ीकरण हेतु असैनिक कार्य अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में बैंच डेस्क की आपूर्ती, पेयजल हेतु बोरिंग, शौचालय मरम्मती एवं निर्माण, रसोई घर मरम्मती एवं निर्माण, विद्यालय कक्ष की मरम्मती, विद्यालय चहारदीवारी की मरम्मती/निर्माण कार्य के नाम पर टेबल टेंडर के माध्यम से फर्जी वेंडर को संवेदक नियुक्त कर बिना किसी प्रकार का कार्य किये, कार्य स्थल पर गये, फर्जी विपत्र, फर्जी उपयोगिता प्रमाण-पत्र, मापी पुस्तिका निर्माण करना कथित वेंडर/संवेदक व कनीय सहायक, कार्यपालक अभियंता शिक्षा विभाग, योजना एवं लेखा, समग्र शिक्षा एवं स्थापना लिपिक, एमडीएम प्रभारी, कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना सह योजना एवं लेखा शिक्षा विभाग और जिला शिक्षा पदाधिकारी सैकड़ों विद्यालयों के प्राचार्य से गलत उपयोगिता प्रमाण-पत्र लेकर, प्राचार्य का जाली हस्ताक्षर एवं मुहर बनाकर लगभग 50 करोड़ रुपये की राशि निकासी कर गबन किया गया है. उद्भेदन होने पर कार्यालय से सैकड़ों फाइल अधिकारियों द्वारा गायब कर दिया गया. गबन से संबंधित मामला को रफा-दफा कर साक्ष्य को मिटाया जा रहा है. जबकि स्थानीय जांच से यह स्पष्ट पाया गया कि 90 विद्यालयों के नाम शत प्रतिशत योजना की राशि का निकासी कर गबन किया गया है और सैकड़ों विद्यालयों का फर्जी संचिका तैयार कर निर्माण मरम्मती कार्य को पूर्ण बताकर भुगतान लेने के लिए जाली संचिका तैयार किया गया. सरकार द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार मध्यान्ह भोजन नहीं दिया जा रहा है. स्थानीय मीडिया, सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने व्यापक भ्रष्टाचार की ओर ध्यान आकर्षित कराया और निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का अनुरोध किया, लेकिन शिक्षा विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों, वेंडरों व संवेदकों की ऊंची राजनीतिक पहुंच के कारण मामले का निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई नहीं कर रफा-दफा व लीपा-पोती कर साक्ष्य को मिटाने हेतु गबन से जुड़े संचिका को कार्यालय से गायब किया गया है और किया जा रहा है. ऐसे में उन्होंने अनुरोध किया है कि आवेदन में वर्णित तथ्यों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर संज्ञान ले शिक्षा विभाग में व्यापक पैमाने पर हुए सरकारी राशि का दुरुपयोग, गबन एवं फर्जी संचिका निर्माण की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाय.

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