लखीसराय जिले के पीरीबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत अभयपुर स्थित कसबा पंचायत के वार्ड संख्या 13 के ढूंरना मुसहरी टोला में स्वच्छ भारत मिशन के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है. सरकारी रिकॉर्ड में भले ही क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त बताया गया हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अधिकांश परिवारों के पास आज तक शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है.
लखीसराय.
महादलित बहुल इस टोले में करीब 30 से 40 परिवार निवास करते हैं. ग्रामीणों के अनुसार आज भी अधिकांश लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है. शौचालय की कमी का सबसे अधिक असर महिलाओं, युवतियों, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है. उन्हें प्रतिदिन अपनी सुरक्षा और सम्मान की चिंता के बीच खुले स्थानों का सहारा लेना पड़ता है. बरसात और रात के समय स्थिति और भी कठिन हो जाती है.स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास और बुनियादी सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही उनकी समस्याएं भुला दी जाती हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से शौचालय निर्माण की मांग के बावजूद उनकी बस्ती तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच सका है.
मामले को लेकर पूछे जाने पर स्थानीय मुखिया अमित कुमार ने भी स्थिति को गंभीर बताते हुए स्वीकार किया कि ढूंरना मुसहरी टोला में शौचालय की भारी कमी है. उन्होंने बताया कि लगभग 30 से 40 घरों वाली इस बस्ती में केवल 4 से 5 परिवारों के पास ही शौचालय की सुविधा है, जबकि शेष 30 से 35 परिवार अब भी शौचालय विहीन हैं.ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अविलंब शौचालय निर्माण की व्यवस्था कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जब तक हर घर तक शौचालय नहीं पहुंचेगा, तब तक स्वच्छता और ओडीएफ के दावे केवल कागजों तक ही सीमित रहेंगे.
