लखीसराय : प्रखंड क्षेत्र में चाइनीज मांझा लोगों के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है. पतंगबाजी के शौक ने अब आम लोगों के साथ बेजुबान जानवरों और पक्षियों की जान भी आफत में डाल दी है.
बड़हिया बाजार समेत ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में बच्चे और युवा चाइनीज मांझे से पतंग उड़ा रहे हैं. पतंग कटने के बाद इस मांझे के कई मीटर लंबे टुकड़े सड़कों, गलियों और पेड़ों पर लटकते रह जाते हैं. राहगीरों और वाहन चालकों को इसका पता नहीं चल पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है.
पतला और धारदार होने से बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार चाइनीज मांझा प्लास्टिक से बना होने के कारण बेहद पतला और तेज धार वाला होता है. यह दूर से आसानी से दिखाई भी नहीं देता. इसकी चपेट में आने से पैदल राहगीर और बाइक सवार घायल हो रहे हैं. कई लोगों के गले, चेहरे और हाथों में कट लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
सबसे अधिक खतरा दोपहिया वाहन चालकों को रहता है. सड़क पर हवा के साथ लटकता या उड़ता मांझा अचानक वाहन चालक के सामने आ जाता है, जिससे संतुलन बिगड़ने और गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है.
पशु-पक्षी भी हो रहे घायल
चाइनीज मांझे से आवारा पशु और पक्षी भी बुरी तरह जख्मी हो रहे हैं. कई बार पशुओं के गले में मांझा उलझ जाता है, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आती हैं. पेड़ों और बिजली के तारों में फंसा मांझा पक्षियों के लिए भी खतरा बना हुआ है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि कटे हुए मांझे को सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से हटाने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. हवा में उड़ने वाला यह मांझा कहीं भी जाकर फंस जाता है, जिसे हटाना भी मुश्किल होता है.
बिक्री और इस्तेमाल पर रोक की मांग
नगरवासियों ने जिला प्रशासन से चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है. साथ ही सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पड़े खतरनाक मांझे को हटाने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग भी उठायी है.
लोगों का कहना है कि प्रशासन को पतंग की दुकानों पर जांच अभियान चलाकर प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि राहगीरों के साथ पशु-पक्षियों को भी इससे होने वाले खतरे से बचाया जा सके.
