ऑटो से स्कूली बच्चों के आवागमन पर प्रतिबंध के आदेश को दिखा रहे ठेंगा

थाना क्षेत्र में लगातार निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भेड़-बकरी की तरह ऑटो में ठूंस-ठूंसकर विद्यालय से घर तथा घर से विद्यालय लाने और ले जाने का सिलसिला जारी है.

प्रतिबंध के बाद भी ऑटो में ठूंस-ठूंसकर बच्चों को ले जाया जा रहा स्कूल

पीरीबाजार. थाना क्षेत्र में लगातार निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भेड़-बकरी की तरह ऑटो में ठूंस-ठूंसकर विद्यालय से घर तथा घर से विद्यालय लाने और ले जाने का सिलसिला जारी है. एक और जहां सरकार के द्वारा इसके विरुद्ध विगत एक अप्रैल 2025 से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है. जिसमें सख्त निर्देश दिया गया है कि स्कूली छात्र-छात्राओं को ई-रिक्शा एवं ऑटो रिक्शा से स्कूल लाने ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है. इसके बावजूद भी विद्यालय संचालक प्रशासन के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए बच्चों को ठूंस-ठूंसकर लाते ले जाते हैं. इसका ताजा उदाहरण मंगलवार को पीरी बाजार थाना चौक पर देखने मिला जहां एक निजी विद्यालय के बच्चे ऑटो में जाम में फंसे नजर आये. वहीं ऑटो में जरूरत से ज्यादा छात्र छात्राएं यात्रा कर रहे थे. प्रशासन द्वारा लगाये गये प्रतिबंध के बावजूद ऑटो में बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा है, यह बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है. हालांकि क्षेत्र में कई बार ओवर लोडेड ऑटो, ई-रिक्शा दुर्घटना हो चुके हैं. इसके बाद भी ऑटो चालक क्षमता से ज्यादा बच्चों को बिठा कर चलते हैं. विद्यालय संचालक ज्यादा कमाई करने के लिए बच्चों को ऑटो में जरूरत से ज्यादा सवार कर यात्रा करवाते हैं. हालांकि एक अप्रैल से पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है. इसके बावजूद भी क्षेत्र में प्रतिदिन धड़ल्ले से कानून के नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही है. आखिरकार सरकार के द्वारा महज सिर्फ नोटिफिकेशन जारी की जाती है परंतु उसका अनुपालन नहीं हो पा रहा है.

बोले अधिकारी

मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुनंदन राम से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे काम से बाहर आये हुए हैं. संबंधित मामले की जांच की जायेगी.

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